उत्तराखंड त्रासदी: यूपी में भी बढ़ा खतरा, इन जिलों में अलर्ट जारी
लखनऊ। उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने से हुई तबाही के बाद खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश के बिजनौर, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, संभल, मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अलीगढ़, कासगंज, बदायूं, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, कन्नौज, हरदोई, उन्नाव, कानपुर नगर, रायबरेली, फतेहपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर, वाराणसी, गाजीपुर, बलिया और चंदौली जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के संबंधित विभागों और अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने कहा कि हर पहलू पर पूरी मुस्तैदी और नजर रखी जाए। उन्होंने राज्य आपदा मोचन बल को भी मुस्तैद किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी घटना पर दुख जताते हुए कहा कि उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से भीषण त्रासदी हुई है। पीड़ित परिवारों के प्रति हमारी संवेदना है। अलकनंदा गंगा की सहायक नदी है और उत्तर प्रदेश के अंदर गंगा लगभग 1,000 किलोमीटर का रास्ता तय करती है। हमने अपने जल शक्ति विभाग को अलर्ट कर दिया है।
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उत्तराखंड के चमोली जिले के रैणी गांव में रविवार को ग्लेशियर फटने से धौली गंगा नदी में बाढ़ आ गई, जिससे हरिद्वार तक खतरा बढ़ गया। हादसे के बाद 10 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। कई लोगों के अभी भी लापता होने की आशंका है। घटना की सूचना मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बातकर जानकारी ली। उन्होंने राज्य को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है। सीएम रावत खुद मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सीएम रावत ने देहरादून लौट कर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति के बारे में बताया और मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए मुआवजे की घोषण की है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा नदी के किनारे पड़ने वाले सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को भी पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि ग्लेशियर टूटने से उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर उत्तराखंड को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'देवभूमि उत्तराखंड में उत्पन्न हुई इस प्राकृतिक आपदा से निपटने हेतु उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।' एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'उत्तराखंड में बांध टूटने से उत्पन्न हुई परिस्थितियों के दृष्टिगत प्रदेश के सभी संबंधित विभागों व अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने तथा SDRF को राहत कार्यों हेतु तत्पर रहने को कहा है। गंगा नदी के किनारे स्थित सभी जिलों के DM/SSP/SP को भी पूर्णतः सतर्क रहने हेतु निर्देशित किया है।'












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