• search
लखनऊ न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

दिल्ली के बाद अब लखनऊ में भी सीएए और एनआरसी के खिलाफ धरने पर बैठी महिलाएं

|

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सीएए, एनआरसी तथा एनपीआर कानून के खिलाफ महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। महिलाओं का प्रदर्शन हुसैनाबाद में स्थित घंटाघर पर हो रहा है। महिलाएं अपने मासूम बच्चों के साथ कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं। मौके पर भारी संख्या में यूपी पुलिस व आरएएफ बल मौजूद है। महिलाओं द्वारा अनिश्चितकालीन प्रदर्शन करने की बात कही जा रही है।

uttar pradesh lucknow woman protest against nrc and caa

पुलिस महिलाओं को समझा बुझा कर यहां से हटाने की कोशिश कर रही है। प्रदर्शन कर रही महिला शबी फातिमा ने बताया कि सीएए और एनआरसी के विरोध में सभी महिलाएं इतनी ठंड और कोहरे में हुसैनाबाद क्लॉक टावर में आकर के प्रदर्शन कर रही हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि जिस प्रकार से इस कानून को लाया गया है उसी प्रकार से इन कानून को वापस लिया जाए और अगर ऐसा नहीं होता है तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रही हैं।

महिलाओं ने इस बात को लेकर पुलिस के आला अधिकारियों को ज्ञापन भी दे दिया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि मुस्लिम महिलाएं पर्दे में रहती हैं, जिसकी सभी तारीफ करते हैं। लेकिन आज वही महिलाएं अपने हक के लिए पर्दे में रहते हुए घर से बाहर आई हैं और यहां तक कि अपने हक के लिए जान देने के लिए भी अब तैयार हैं।

प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि वह इस प्रदर्शन में यहां पर आई हुई है और यहां पर लाइट तक बंद कर दी गई है। वॉशरूम में ताले लगा दिए गए हैं। साथ ही यह महिलाओं ने कहा कि इसलिए ऐसा किया जा रहा है ताकि हम लोग डर के भाग जाएं और यहां पर प्रदर्शन ना करें। लेकिन हम लोग डरने वाले नहीं हैं और हम लोग यहां पर प्रदर्शन करेंगे। अपने हक के लिए लड़ाई लड़ेंगे।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
uttar pradesh lucknow woman protest against nrc and caa
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more
X