तलाक के बीच परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने तोड़ी चु्प्पी, बोले- 'तलाक एकतरफा है, मैंने कभी अर्जी नहीं दी'
तलाक की खबरों के बीच परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि 'तलाक एकतरफा है, मैंने कभी तलाक की अर्जी नहीं दी। न मैं इस मामले में कोर्ट गया।'

Daya Shankar Singh: उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और पूर्व मंत्री स्वाति सिंह की राहें अब अलग हो चुकी हैं। परिवारिक न्यायालय ने दयाशंकर सिंह और स्वाति सिंह के तलाक पर मुहर लगा दी है। तो वहीं, अब इस हाई प्रोफाइल तलाक की चर्चा भी खूब हो रही है। क्योंकि, 22 साल पहले इस रिश्ते की शुरुआत प्यार की बुनियाद पर हुई थी, उसका अंत ऐसा होगा किसी ने सोचा नहीं था।
बता दें, स्वाति सिंह ने तलाक की अर्जी कोर्ट में दाखिल की थी। कोर्ट द्वारा दी गई तारीख पर दयाशंकर सिंह कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे थे। जिसपर कोर्ट ने एकतरफा फैसला सुनाते हुए दोनों के तलाक पर मुहर लगा दी। तलाक की खबर के बीच देवरिया पहुंचे परिवहन मंत्री दयाशंकर ने अपनी चुप्पी तोड़ दी। दयाशंकर सिंह ने कहा, 'तलाक एकतरफा है, मैंने कभी तलाक की अर्जी नहीं दी।'
उन्होंने कहा कि, 'न मैं इस मामले में कोर्ट गया, चूंकि अब यह हो गया है तो अब मैं इस मामले में अपनी तरफ से आगे नहीं बढूंगा। स्वाति सिंह की बढ़ी हुई राजनीतिक महत्वाकांक्षा इसके पीछे की वजह है।' मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दयाशंकर सिंह और स्वाति सिंह की शादी 18 मई 2001 को हुई थी, जिसका अब खत्म हो गई है। लखनऊ के अपर न्यायाधीश देवेंद्र नाथ ने 28 मार्च को दाखिल तलाक की अर्जी को लेकर ये फैसला सनुया है।
ऐसा बताया जा रहा है कि परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और पूर्व मंत्री स्वाति सिंह पिछले 10 सालों से अलग-अलग रह रहे थे। अब दोनों कानूनी रूप से अलग हो गए है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वाति सिंह ने सबसे पहले साल 2012 में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। लेकिन, ये अर्जी उनके गैरहाजिरी रहने के कारण कोर्ट ने उनकी अर्जी को खारिज कर दिया था। वरिष्ठ अधिवक्ता पदमकीर्ति ने बताया कि स्वाति सिंह ने मार्च 2022 में अदालत में अर्जी देकर केस दोबारा शुरू करने की अपील की।
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हालांकि, उस अर्जी को भी वापस ले लिया गया था और एक नई याचिका दायर की गई थी। इसमें साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि बीते चार वर्षों से पति से अलग रह रही हैं। दोनों के बीच कोई वैवाहिक रिश्ता नहीं है। तो वहीं, कोर्ट में दयाशंकर के उपस्थित न होने पर स्वाति के साक्ष्यों से सहमत होकर तलाक का फैसला लिया है।












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