UP News: मेडिकल के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाने को तैयार यूपी, PG की सीटों में होगा भारी इजाफा
उत्तर प्रदेश सरकार ने अगले सत्र से यूपी में मेडिकल की सीटों में भारी इजाफे का प्लान तैयार किया है। अधिकारियों का दावा है कि लगभग 800 सीटों की बढोत्तरी की जा सकती है।
Uttar Pradesh Government: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा सुविधा को बढ़ाने की कवायद के बाद अब योगी सरकार ने 2024 सत्र से राज्य के सरकारी चिकित्सा संस्थानों में लगभग 800 पीजी मेडिकल सीटें बढ़ाकर उच्च चिकित्सा शिक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार ने प्रयास शुरू कर दिए हैं।

अधिकारियों की माने तो इस वर्ष जिन प्रमुख विशिष्टताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है उनमें प्रसूति, स्त्री रोग, ओटोलर्यनोलोजी, आर्थोपेडिक सर्जरी आदि शामिल हैं। इसमें लखनऊ में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) और संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGIMS), ग्रेटर नोएडा में गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (GIMS), गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल (GSVM) मेडिकल पर फोकस किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा, आलोक कुमार ने बताया कि
अगले सत्र से 763 सीटें जोड़ने की तैयारी पूरी हो चुकी है और अन्य सीटों पर काम किया जा रहा है। यह राज्य में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में हमारी वर्तमान 1700 से अधिक सीटों से पीजी मेडिकल सीटों में अब तक की सबसे बड़ी छलांग होगी।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रस्ताव को राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद (एनएमसी) द्वारा अस्वीकार नहीं किया गया है, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने उन सीटों की सूची तैयार की है जिन्हें संस्थानों के प्राचार्यों एवं प्रमुखों द्वारा पहचानी गई कमियों के साथ-साथ 35 चिकित्सा संस्थानों में से प्रत्येक में जोड़ा जा सकता है।
आलोक कुमार कहते हैं कि , " हमने सुनिश्चित किया कि पहले उन कमियों को दूर किया जाए। बाधाएं दूर होने के बाद कॉलेजों की ओर से प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया। हमें यकीन है कि हम अपनी प्रस्तावित लगभग सभी सीटें जोड़ने जा रहे हैं।''
हाीलांकि 2015 तक राज्य में 933 पीजी मेडिकल सीटें थीं जिसके बाद 450 से अधिक सीटें जोड़ी गईं जिससे आंकड़ा 1400 से अधिक हो गया। धीरे-धीरे, हर साल अधिक सीटें जोड़ी गईं और वर्तमान में विभिन्न विशिष्टताओं में 1700 से अधिक सीटें हैं। राज्य सरकार द्वारा पहले से प्रस्तावित 763 सीटों के अलावा अन्य 150 सीटों को जोड़ने पर काम चल रहा है।
प्रमुख सचिव ने कहा,
हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उचित मूल्यांकन और मानक मानदंडों को पूरा किए बिना एक भी सीट के लिए कोई भी प्रस्ताव एनएमसी को न जाए। इस वर्ष जिन प्रमुख विशिष्टताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है उनमें रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी के अलावा सर्जिकल शाखाओं में प्रसूति एवं स्त्री रोग, आर्थोपेडिक सर्जरी, सामान्य सर्जरी, खेल चिकित्सा शामिल हैं।
अधिकारियों का दावा है कि यूपी सरकार यदि पीजी सीटें बढ़ाने में सफल हो जाती है तो यह पीजी सीटों के मामले में देश में महाराष्ट्र के बाद दूसरे नंबर पर होगा जहां वर्तमान में 2,488 पीजी सीटें हैं। जबकि दिल्ली में 1,895 और तमिलनाडु में 1,836 सीटें हैं। हर राज्य में हर साल कुछ सीटें बढ़ जाती हैं।












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