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यूपी का जल्लाद ही देगा निर्भया के दोषियों को फांसी, योगी सरकार ने दी मंजूरी

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लखनऊ। 22 जनवरी, दिन बुधवार, समय सुबह 7 बजे। यही वो समय है जब निर्भया के चारों दोषियों को फांसी पर लटकाया जाएगा। ऐसे में वो इंसान (पवन जल्लाद) भी बेहद खुश है, जो निर्भया के दोषियों को फांसी देगा। बता दें कि तिहाड़ जेल प्रशासन ने यूपी के जेल राज्य मंत्री को एक पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश के जेलों से 'जल्लादों' की जानकारी मांगी थी, साथ ही मेरठ जेल के जल्लाद पवन की सेवाएं लेने की अनुमति भी मांगी थी। वहीं, प्रदेश के जेल राज्यमंत्री ने इसके लिए अनुमति दे दी है।

जेल राज्य मंत्री ने दी अनुमति

जानकारी के अनुसार, जेल राज्य मंत्री जय कुमार सिंह ने बताया कि निर्भया दुष्कर्म मामले के दोषियों को फांसी देने के लिए मेरठ के जल्लाद पवन कुमार की सेवाएं लेने के लिए तिहाड़ जेल प्रशासन द्वारा पत्र लिखा गया था। दोषियों की फांसी की सजा का दिन तय होने के बाद जल्लाद पवन को इस कार्य के लिए भेजने की मेरठ जेल प्रशासन को अनुमति दे दी गई है। वहीं, दूसरी तरफ दोषियों को फांसी पर लटकाने वाले जल्लाद पवन भी इस केस पर अपनी निगाहें लगाए बैठे थे। फैसले के बाद पवन चारों को एक साथ मौत देने के लिए तैयार हैं, लेकिन निर्भया की मां से मिलने की बात पर उन्होंने कहा, मैं किसी की भी मौत देख सकता हूं, लेकिन उस मां का सामना करने की हिम्मत नहीं है।

    Nirbhaya Case: चारों दोषियों को फांसी देने के लिए Pawan Jallad तैयार | वनइंडिया हिंदी
    फांसी देने से पहले की जाती हैं कई तैयारियां

    फांसी देने से पहले की जाती हैं कई तैयारियां

    निर्भया केस के चारों दोषियों को 22 जनवरी को फांसी दी जाएंगी, इसके लिए पवन जल्लाद ने तैयारियां शुरू कर दी है। पवन की मानें तो फांसी देने के लिए कई तैयारियां की जाती हैं। जिस जेल में फांसी लगाई जाएगी, वहां फांसी देने वाले रस्से और तख्त की जांच की जाएगी। जिन दोषियों को फांसी देनी है, उनका वजन भी लिया जाएगा, जिसके अनुसार ही रस्सा बनाया जाएगा।

    सूचना मिलेगी तो मैं फांसी देने पहुंच जाऊंगा

    सूचना मिलेगी तो मैं फांसी देने पहुंच जाऊंगा

    पवन ने बताया कि इससे पहले उन्हें 16 दिसंबर को तैयार रहने को कहा गया था। इसकी मुझे मौखिक सूचना दी गई थी। लेकिन उसके बाद कोई सूचना नहीं दी गई। पवन का कहना है कि उन्हें अभी अधिकारिक रूप से कोई बुलावा नहीं मिला है। उन्होंने कहा, 'अगर उन्हें मौका मिलता है तो वह चारों आरोपियों को एक साथ फांसी देंगे।' पवन के अनुसार उनके अलावा लखनऊ में भी एक जल्लाद है। लेकिन वह आजकल बीमार चल रहा है। मैं इतना हौसला रखता हूं कि चारों को एक साथ फांसी लगा सकता हूं।

    कौन है पवन जल्लाद?

    कौन है पवन जल्लाद?

    पवन जल्लाद मेरठ का रहने वाला है। कई पीढ़ियों से वो इसी शहर में रह रहा है। हालांकि इस शहर में उसे शायद ही कोई पहचानता हो। पार्ट टाइम में वो इस शहर में साइकिल पर कपड़ा बेचने का का काम करता है। करीब दो तीन साल पहले जब निठारी हत्याकांड के दोषी ठहराए सुरेंद्र कोली को फांसी दी जाने वाली थी, वो उसके लिए पवन को ही मुकर्रर किया गया था। बाद में वो फांसी टल गई।

    जानें जल्लाद को कितनी मिलती है सैलरी?

    जानें जल्लाद को कितनी मिलती है सैलरी?

    पवन जल्लाद का परिवार काफी लंबे समय से फांसी देने का काम कर रहा है। पवन जल्लाद ने बताया कि उनके पिता, दादा कल्लू जल्लाद और परदादा लक्ष्मण सिंह भी फांसी देने का ही काम करते थे। इस समय देश में फांसी देने के लिए केवल दो ही जल्लाद हैं। पवन जल्लाद ने बताया कि उन्हें फांसी देने के बदले 3000 रुपए मासिक वेतन मिलता था, जो अब बढ़ाकर 5000 रुपए मासिक कर दिया गया है। मासिक वेतन के अलावा जब किसी मुजरिम को फांसी दी जाती है तो उसके बदले में भी कुछ रुपए जल्लाद को दिए जाते हैं।

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    English summary
    UP executioner will hang Nirbhaya convicts, Yogi government approves
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