UP election 2022: शिवपाल के विरोधी रहे बीजेपी के कद्दावर नेता ने थामा सपा का दामन
लखनऊ, 16 जनवरी: यूपी सरकार में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य के बीजेपी से इस्तीफे के बाद बीजेपी नेताओं के पार्टी छोड़ने का सिलसिला जारी है। रविवार को भाजपा के कद्दावर नेता मनीष यादव ने भी पार्टी को अलविदा कह दिया और अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। लखनऊ में समाजवादी पार्टी के मुख्यालय में मनीष यादव को सपा की सदस्यता दिलाई गई। बता दें, मनीष यादव, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के खिलाफ जसवंतनगर विधानसभा में करीब एक दशक से मोर्चा खोले थे।

'14 वर्ष बाद परिवार में वापसी हुई, स्वामी प्रसाद मेरे गुरु'
मनीष यादव ने कहा, स्वामी प्रसाद मेरे गुरु हैं। उनके इशारे पर ही मैंने बीजेपी छोड़ी है। उन्होंने कहा कि हमारा परिवार पहले से ही समाजवादी था। मेरे बड़े भाई दलवीर यादव समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष पद पर रहे है, उनकी हत्या के बाद हालात खराब होने के कारण 14 साल तक समाजवादी पार्टी से दूरियां बनी रही, लेकिन आज 14 वर्ष के बाद पुनः अपने परिवार वापसी हुई है। विधानसभा चुनाव में तीनों सीटों पर मेहनत करके भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेंगे।
शिवपाल या उनके बेटे को हर हाल में जिताएंगे: मनीष यादव
मनीष ने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव मे भाजपा उम्मीदवार के तौर पर उन्हें 75000 वोट मिले थे। उनके सपा में शामिल होने के बाद अब जसवंतनगर विधानसभा सीट पर झंडा उठाने वाला भी कोई भाजपा को नहीं मिलेगा। इस विधानसभा सीट से शिवपाल सिंह यादव या उनके बेटे आदित्य यादव चुनाव मैदान में उतरे, उनको हर हाल में जिताने में अपनी ताकत का इस्तेमाल किया जाएगा। बता दें, मनीष यादव समाजवादी पार्टी के विरोधी माने जाते रहे हैं। साल 2012 में मनीष यादव ने समाजवादी पार्टी का गढ़ माने जाने वाले जसवंतनगर विधानसभा सीट से शिवपाल सिंह के खिलाफ बसपा से चुनाव लड़ा था। वहीं, साल 2017 में जब स्वामी प्रसाद मौर्य बसपा छोड़ बीजेपी में शामिल हुए तो साथ में मनीष यादव स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ बीजेपी में शामिल हो गए। साल 2017 में एक बार फिर से शिवपाल सिंह यादव के खिलाफ बीजेपी से चुनाव लड़े और इस चुनाव में शिवपाल सिंह के खिलाफ जसवंत नगर सीट पर 75 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए थे।












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