लखनऊ: KGMU के दो और डॉक्टरों में मिले Corona के लक्षण, पूरी टीम निगरानी में
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना वारयस के बढ़ते संक्रमण के बीच राजधानी लखनऊ में दो और डॉक्टरों में कोरोना वायरस के लक्षण दिखे हैं। दोनों डॉक्टर केजीएमयू में भर्ती कोरोना वायरस से ग्रसित मरीजों के इलाज में लगी टीम का हिस्सा था। बता दें कि इस टीम के एक जूनियर डॉक्टर में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया था। जिसके बाद उसे केजीएमयू में ही आइसोलेट किया गया है। इसी के साथ प्रदेश में यह संख्या 17 पहुंच गई है।

कोरोना पॉजिटिव मरीजों के इलाज करने वाली टीम में शामिल थे दोनों डॉक्टर
टोरंटो से आई एक महिला डॉक्टर में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी। कोरोना संक्रमित महिला के संपर्क में आने वाले एक अन्य को भी संक्रमण हुआ था। दोनों को केजीएमयू के एकांतवास में भर्ती कराया गया है। इनके इलाज में जिस चिकित्सक की टीम लगी हुई थी। मंगलवार रात इस टीम के दो रेजीडेंट डॉक्टरों की तबीयत खराब महसूस हुई। उनमें कोराना वायरस के लक्षण मिले। इससे पहले इस टीम के एक जूनियर डॉक्टर में कोरोना की पुष्टि हुई थी।
पूरी टीम निगरानी में
इस पर टीम में मुख्य रूप से शामिल 14 लोगों की जांच कराई गई। इसमें एक चिकित्सक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अन्य सभी की रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी को कोरेंटाइन वार्ड में रखा जाएगा। मरीजों के इलाज के लिए मेडिसिन विभाग के डॉक्टर के नेतृत्व में दूसरी टीम बनाई गई है। इस टीम में दो सीनियर रेजीडेंट, तीन जूनियर रेजीडेंट सहित 12 लोगों को शामिल किया गया है। मीडिया प्रभारी डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि जिस चिकित्सक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, उनका इलाज किया जा रहा है।
पांच दिन तक होगी पूरी टीम की निगरानी
पॉजिटिव मरीजों के इलाज से हटाई गई टीम की पांच दिन बाद दोबारा जांच कराई जाएगी। माना जाता है कि पांच से सात दिन के अंदर यह वायरस सक्रिय हो सकता है। ऐसी स्थिति में रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद दूसरे चरण में भी पांच दिन की निगरानी होगी। यदि किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उसे आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा।












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