Pegasus Case : अखिलेश ने की ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी बनाने की मांग, कहा- हकीकत जानना जरूरी
लखनऊ, 26 जुलाई: पेगासस मामले पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जेपीसी (ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी) की मांग की है। अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी जासूसी के सख्त खिलाफ है। उन्होंने कहा, ''यह जानना जरूरी है कि भाजपा को लोगों का भारी समर्थन हासिल है, उसके बाद भी जासूसी कराने की भाजपा को क्यों जरूरत पड़ी।''
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क्या है पेगासस मामला ?
इजरायली कंपनी एनएसओ के पेगासस सॉफ्टवेयर से भारत में कथित तौर पर 300 से ज्यादा हस्तियों के फोन हैक किए जाने का दावा किया जा रहा है। दावे के मुताबिक, जिन लोगों के फोन टैप किए गए उनमें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और प्रह्लाद सिंह पटेल, पूर्व निर्वाचन आयुक्त अशोक लवासा और चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर सहित कई पत्रकार भी शामिल हैं।
सरकार ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया
केंद्र सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार ने रिपोर्ट जारी होने की टाइमिंग को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। यह मामले की आवाज सड़क से लेकर संसद तक गूंज रही है। सरकार पर डेटा जासूसी कराने के आरोप लग रहे हैं।
ममता बनर्जी ने किया जांच आयोग का गठन
उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले में जांच आयोग का गठन किया है। सोमवार को ममता बनर्जी ने इसकी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जासूसी के आरोपों की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया है। दो सदस्यीय आयोग की अध्यक्षता कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ज्योतिर्मय भट्टाचार्य करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मदन भीमराव लोकुर इसके अन्य सदस्य हैं। ममता बनर्जी ने कहा, केंद्र की चुप्पी को देख हमने दो सदस्यीय जांच आयोग बनाया है। इसकी अध्यक्षता कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ज्योतिर्मय भट्टाचार्य करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मदन भीमराव लोकुर इसके दूसरे सदस्य हैं। ममता ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोगों के नाम पेगासस लक्ष्य सूची में शामिल हैं। केंद्र सभी की जासूसी करने की कोशिश कर रहा है। ये आयोग इस अवैध हैकिंग के बारे में पता लगाएगा।












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