मुख्यमंत्री पद की दावेदारी से पहले राजनाथ सिंह ने बताया यूपी का चुनावी एजेंडा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी गृहमंत्री राजनाथ सिंह को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर सकती है। इसके लिए पार्टी के भीतर रणनीति बननी शुरु हो गयी है। माना जा रहा है कि कुछ ही दिनों में राजनाथ सिंह के नाम की घोषणा हो सकती है।
अखिलेश को सताने लगा यूपी चुनाव हार का डर, बोले मुकाबला त्रिकोणीय होगा

लेकिन इन सारी अटकलों से पहले राजनाथ सिंह ने यूपी में चुनाव से पहले अहम मुद्दा यहां के लोगों के सामने रखा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर यूपी में बीजेपी की सरकार बनी तो कोटे में कोटा का फार्मूला फिर से शुरु किया जाएगा। राजनाथ सिंह गुरुवार को मऊ के रेलवे मैदान में आयोजित सम्मेलन में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अति पिछड़ों और अति दलितों के विकास के बिना प्रदेश और देश का विकास नहीं हो सकता है।
यूपी में अवैध कब्जे के खिलाफ भाजपा ने शुरु की ई-मेल सुविधा
सिंह ने कहा कि जब वह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने अति पिछड़ों और अति दलितों को आरक्षण का लाभा दिया था। जिसे एक बार फिर से शुरु किया जाएगा। मोदी सरकार के दो साल पूरे होने पर जनसंवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेने आये राजनाथ सिंहने कहा कि उम्मीदवारों और नेताओं को केंद्र सरकार की उपलब्धि को सीना ठोंक कर बताना चाहिए।
राजनाथ सिंह ने बताया कि डीएस ग्रुप के जरिए तीन करोड़ रुपए की लागत से सार्वजनिक शौचालय बनवाये जायेंगे, इसके अलावा लखनऊ से सुल्तानपरु के बीच फोर लने सड़क बनायी जाएगी। इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 1,475 करोड़ रूपए की स्वीकृति दे दी गयी है।
गोमती नगर रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास का बनाने के लिए 170 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गयी है। राजनाथ सिंह ने कहा कि अटल जी के समय विकास दर 8 हो गयी थी, जबकि यूपीए 2 में यह 6 से नीचे चली गयी थी और एक बार फिर से 7.9 फीसदी के स्तर पर पहुंच गयी है।












Click it and Unblock the Notifications