शर्मनाक- पोस्टमार्टम ना कराना पड़े इसलिए लाश को नदीं में बहा दिया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस जिस तरह से अक्सर अपने कृत्यों को लेकर चर्चा में रहती है वह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के लिए बड़ी मुश्किल बनती जा रही है। लखनऊ में शव के साथ अमानवीयता का मामला सामने आया है उसने लखनऊ पुलिस का घिनौना चेहरा लोगों के सामने बेनकाब कर दिया है।
अब अमेरिकी पुलिस की तर्ज पर यूपी पुलिस करेगी काम
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लखनऊ के बैकुंठधाम के पास गोमती नदी में जब एक शव पानी में उतराता पाया गया तो पुलिस वालों ने इसे सम्मान देने की बजाए थाना क्षेत्र को लेकर आपस में झगड़ा करने लगे। लाश की सूचना मिलने पर एक तरफ हजरतगंज पुलिस तो दूसरी तरफ महानगर पुलिस खड़ी होकर लाश को एक दूसरे के थाना क्षेत्र में फेकते देखे गये।
मछुआरे लाश को लेकर बैठा रहा और पुलिस वाले थाना क्षेत्र को लेकर एक दूसरे से झगड़ते रहे। सरहद को कभी अंदाजे से तो कभी फीते से नापा गया कि यह लाश किस थाना क्षेत्र में आती है। जिसके बाद थानेदार के इशारे पर मछुआरे ने लाश को पानी में फेंक दिया।
लेकिन बाद में हजरतगंज पुलिस ने काफी देर बाद लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं मामला सामने आने के महानगर थाने के सिपाही और दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं हजरतगंज थाने के इंस्पेक्टर विजयमल यादव का कहना है कि शव दस दिन पुराना है।












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