Lucknow Girl Case : कैब ड्राइवर को पीटने वाली युवती की बढ़ी मुश्किलें, पुलिस ने नोटिस जारी कर दर्ज किया बयान
लखनऊ, 9 अगस्त: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कैब ड्राइवर की पिटाई के मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने कैब ड्राइवर की पिटाई करने वाली प्रियदर्शिनी नारायन यादव को नोटिस देने के बाद रविवार को कृष्णानगर कोतवाली बुलाया। यहां करीब दो घंटे उससे पूछताछ की गई। विवेचक इंस्पेक्टर बंथरा जितेंद्र कुमार सिंह ने युवती से पूछताछ की और उसके बयान दर्ज किए। इस दौरान इंस्पेक्टर कृष्णानगर भी मौजूद रहे। उधर, लखनऊ पुलिस ने आज यानि सोमवार को कैब ड्राइवर सआदत अली को अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया है।
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प्रियदर्शिनी ने पुलिस के सामने क्या दिया बयान ?
प्रियदर्शिनी ने पुलिस के सामने दिए बयान में भीड़ पर पिटाई का आरोप लगाया है। उसने कहा, कैब ड्राइवर मुझे टक्कर मारने वाला था और फोन पर बात कर रहा था। रेड लाइट पर उसने नियम तोड़े, इस वजह से मैंने उसे पीट दिया। युवती ने पुलिस से कहा कि सड़क पर चलते समय कई यात्रियों और व्यक्तियों ने उसे प्रताड़ित किया, इसलिए वह अपने आसपास होने वाली ऐसी किसी भी घटना को लेकर बहुत सतर्क हो गई थी।

क्या है पूरा मामला ?
लखनऊ के कृष्णानगर थानाक्षेत्र में बाराबिरवा चौराहे पर युवती प्रियदर्शिनी यादव ने कैब ड्राइवर सआदत अली को बीच सड़क पर जमकर पीटा था। युवती ने ड्राइवर को एक के बाद एक कई थप्पड़ जड़े थे। इस दौरान वहां पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। घटना की वजह से जाम की स्थिति बन गई थी और लोगों की भीड़ लग गई थी। वहां मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो युवती उनसे भी उलझ गई थी। यही नहीं, युवती ने उनमें से एक युवक को भी थप्पड़ जड़ दिया था।

तीन वीडियो आए सामने, सीसीटीवी फुटेज से खुली पोल
इस पूरे घटनाक्रम के तीन वीडियो सामने आए। दो वीडियो वहां मौजूद लोगों ने बनाए थे, जबकि एक वीडियो चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे का था। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद हकीकत भी सामने आ गई थी। फुटेज देखने के बाद इसमें युवती की गलती ही दिखाई दी, जिसके बाद मामला सोशल मीडिया पर छा गया। युवती की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लाखों ट्वीट किए जाने लगे। मामले में दबाव बढ़ता देख पुलिस ने युवती के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। जानकारी के मुताबिक, कैब चालक समिति ने युवती के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। कार्रवाई न होने पर चालकों ने हड़ताल की चेतावनी दी थी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपित युवती को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था।

तीन पुलिसकर्मियों पर हुआ एक्शन
बता दें, इस मामले में थाना इंचार्ज समेत उप निरीक्षक और चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर किया जा चुका है। साथ ही इस मामले की जांच अब एडीसीपी सेंट्रल जोन चिरंजीवी नाथ सिन्हा को सौंपी गई है। कृष्णानगर थाना इंचार्ज महेश दुबे, उपनिरीक्षक मन्नान और चौकी इंचार्ज भोला खेड़ा हरेंद्र सिंह को लाइन हाजिर किया गया था। थाना इंचार्ज पर अपने उच्च अधिकारियों को मिसगाइड करने का आरोप है, जबकि चौकी इंचार्ज पर कैब ड्राइवर सआदत अली ने 10 हजार रुपए की रिश्वत लेने का आरोप लगा है। चौकी इंचार्ज और थाना इंचार्ज ने एक-दूसरे पर जानकारी न देने का आरोप लगाया।












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