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कौन है चिन्मयानंद स्वामी, जिन पर लॉ की छात्रा ने लगाए हैं संगीन आरोप

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    Swami Chinmayanand का पूरा काला चिट्ठा, जानकर हो जाएंगे हैरान ! | वनइंडिया हिंदी

    लखनऊ। यौन शोषण के आरोपों में घिरे पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और बीजेपी नेता स्वामी चिन्मयानंद को स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। एसआईटी की टीम ने उन्हें उनके आश्रम से गिरफ्तार किया है। एसआईटी उन्हें गिरफ्तार करने के बाद उनका मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल लेकर आई है। इस दौरान जिला अस्पताल में भारी फोर्स को भी तैनात किया गया था।

    चिन्मयानंद का असली नाम कृष्णपाल सिंह है

    चिन्मयानंद का असली नाम कृष्णपाल सिंह है

    शाहजहांपुर में अपना साम्राज्य स्थापित करने वाले स्वामी चिन्मयानंद असल में यूपी के गोंडा के रहने वाले हैं। सारी दुनिया इन्हें स्वामी चिन्मयानंद के नाम से जानती है। मगर इनका असली नाम कृष्णपाल सिंह है। लखनऊ विश्वविद्यालय से एमए की डिग्री हासिल करने वाले स्वामी जी बीजेपी के कद्दावर नेताओं में से एक रह चुके हैं। चिन्मयानंद पहली बार बीजेपी के टिकट पर यूपी की बदायूं लोकसभा सीट से साल 1991 में सांसद चुने गए थे। साल 1998 में यूपी के मछलीशहर और साल 1999 में जौनपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।

    राम मंदिर आंदोलन में निभाई थी भूमिका

    राम मंदिर आंदोलन में निभाई थी भूमिका

    इतना ही नहीं वाजपेई सरकार में स्वामी चिन्मयानंद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री रह चुके हैं और तो और राम मंदिर आंदोलन में भी स्वामी चिन्मयानंद ने गोरखपुर की गोरक्षा पीठ के महंत और पूर्व सांसद अवैद्यनाथ के साथ मिलकर बड़ी भूमिका निभाई थी। माना जाता है कि उन्हें सांसद बनवाने में भी महंत अवैद्यनाथ की अहम भूमिका थी। जिसके बाद से वो यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बेहद करीबी बन गए और जब 2017 के यूपी विधानसभा चुनावों में बीजेपी को बंपर जीत मिली तो मुख्यमंत्री के नाम के लिए स्वामी चिन्मयानंद ने ही योगी का नाम आगे किया था।

    कितनी है चिन्मयानंद की संपत्ति?

    कितनी है चिन्मयानंद की संपत्ति?

    गौरतलब है कि स्वामी चिन्मयानंद नेता होने के साथ-साथ उपदेशक भी हैं। वो पहले बीजेपी के टिकट पर सांसद और मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने आखिरी बार साल 2004 में उत्तर प्रदेश की जौनपुर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था। इस दौरान उन्होंने अपनी संपत्ति की जानकारी चुनाव आयोग को दी थी। साल 2004 में चुनाव आयोग को दिए गए अपने एफिडेविट में उन्होंने उन्होंने अपनी कुल संपत्ति करीब 24 लाख रुपये बताई थी। उन्होंने बताया कि उनके पास महज 500 रुपये कैश हैं। उन्होंने बैंकों में जमा राशि की रकम 10,80,383 रुपये बताई थी। वहीं कंपनियों के शेयर और बांड में 2,05,900 रुपये निवेश किए हुए थे।

    कहां कितना किया निवेश?

    कहां कितना किया निवेश?

    चिन्मयानंद ने हलफनाम में बताया था कि उन्होंने नेशनल सेविंग स्कीम में 3,24,750 रुपये का निवेश किया था। उस दौरान चल संपत्ति 16,11,533 रुपए थी। वहीं चल संपत्ति की बात करें तो उनके पास एक नॉन एग्रीकल्चर लैंड भी थी, जिसकी कीमत 7,77,000 रुपये है। वैसे उनके पास एक आश्रम भी है। वहीं एसस लॉ कॉलेज भी स्वामी चिन्मयानंद का ही है। उनकी कीमत क्या है अभी इसके बारे में नहीं पता चल सका है।

    सामने आया तेल मालिश का वीडियो

    सामने आया तेल मालिश का वीडियो

    गौरतलब है कि बीजेपी नेता स्वामी चिन्मयानंद के मंगलवार को एक दर्जन से ज्यादा वीडियो वायरल हुए हैं। वायरल हुए वीडियो में स्वामी चिन्मयानंद नग्न अवस्था में एक लड़की से अपने शरीर की तेल मालिश करवाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दोनों के बीच बातचीत भी सुनाई दे रही है। हालांकि, वीडियो पर 2014 की तारीख नजर आ रही है। चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह ने मीडिया से बात करते हुए स्वामी चिन्मयानंद को बदनाम करने की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि एसआईटी की टीम पर पूरा भरोसा है।

    चिन्मयानंद के ऊपर पहले भी लगे हैं रेप के आरोप

    चिन्मयानंद के ऊपर पहले भी लगे हैं रेप के आरोप

    इसके पहले भी एक लड़की ने स्वामी चिन्मयानंद के ऊपर किडनैपिंग और रेप का मामला दर्ज करवाया था। स्वामी चिन्मयानंद पर 2011 में उनके आश्रम में रहने वाली एक लड़की ने रेप का आरोप लगाया था। 30 नवंबर 2011 को शाहजहांपुर की कोतवाली में स्वामी चिन्मयानंद के ऊपर रेप की एफआईआर दर्ज की गई। रेप का आरोप लगाने वाली लड़की ने चिन्मयानंद के आश्रम में कई साल गुजारे थे। उसने अपनी शिकायत में कहा था कि हरिद्वार में आश्रम में रहने के दौरान स्वामी चिन्मयानंद ने उसका रेप किया था। इस संबंध में पीड़ित लड़की के पिता ने शाहजहांपुर में एफआईआर दर्ज करवाई थी। इस मुकदमे के खिलाफ स्वामी चिन्मयानंद ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। पिछले साल यूपी की योगी सरकार ने उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने का फैसला लिया। इस संबंध में 6 मार्च 2018 को शाहजहांपुर प्रशासन को पत्र लिखा गया था।

    ये भी पढ़ें:- लॉ छात्रा से यौन शोषण मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद गिरफ्तार

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    English summary
    Know about the bjp leader swami chinmayananda, a girl allegation on him of physical attack
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