Lucknow: डॉक्टर पिता-पुत्र ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में लिखा 'अब सहा नहीं जाता'

Lucknow News, लखनऊ। खबर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से है, यहां डॉक्टर पिता और बेटे ने खुदकुशी कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक विभाग की टीम ने मौका-ए-वारदात से साक्ष्यों को कब्जे में लेकर दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। बता दें कि पिता और पुत्र दोनों पशु चिकित्सक थे। पुलिस को बेटे के कमरे से तीन पत्र भी मिले है, जिसमें से एक पत्र में लिखा है 'अब सहा नहीं जाता'। साथ ही, भाई, पत्नी व जीजा को जिम्मेदारी व काम बांटे हैं। फिलहाल पुलिस ने तीनों पत्रों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

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      Lucknow: डॉक्टर पिता-पुत्र ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में लिखा 'अब सहा नहीं जाता'
       Doctor father and son extreme step in lucknow

      ये मामला विभूतिखंड थाना क्षेत्र के विभवखंड-2 का है। यहां रिटायर जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉ. माधव कृष्ण तिवारी (75) अपने परिवार के साथ रहते थे। प्राप्त समाचार के मुताबिक, माधव तिवारी के परिवार में दो बेटे डॉक्टर गौरव तिवारी, निशित तिवारी, एक बेटी व पत्नी हैं। बता दें कि बड़ा बेटा गौरव भी पशुचिकित्सक थे और उसकी तैनाती रायबरेली में थी। वहीं छोटा बेटा दिल्ली में रहकर नौकरी करता है और बेटी की शादी हो चुकी है।

      दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा
      एसीपी विभूतिखंड प्रवीण मलिक के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब नौ बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि पिता-पुत्र ने जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह और एसीपी विभूतिखंड की टीम पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। वहीं पूरे कमरे की तलाशी ली गई। पुलिस के मुताबिक, दोनों का शव अलग-अलग कमरे में बिस्तर पर पड़ा था। बता दें कि पिता और पुत्र दोनों घर में मौजूद थे। जबकि गौरव की मां बेटी के घर गई थीं और पत्नी सुष्मिता मायके में थी।

      सुसाइड नोट में बताई ये वजह
      वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस की मानें तो गौरव ने पत्नी, जीजा आशीष और भाई को संबोधित सुसाइड नोट लिखा है। नोट में लिखा है कि रोज रोज का कलह अब सहा नहीं जाता। मैं अपनी मौत का जिम्मेदार खुद हूं। पुलिस ने तीन सुसाइड नोट को अपने कब्जे में ले लिया है। नोट में गौरव ने अपने भाई निशित, पत्नी व जीजी कोअलग अलग जिम्मेदारी भी सौंपी है। भाई को संबोधित नोट में गौरव ने लिखा है कि सुष्मिता को कौन-कौन सा सामान वापस देना है। इसके अलावा पत्नी को लिखा है कि वह उसकी जगह नौकरी कर लेगी। एक पत्र अपने जीजा आशीष तिवारी केनाम लिखा। जिसमें कहा कि आप मेरी पत्नी के सारे सामान वापस करवा देना। वहीं निशित की हर समय मदद करना।

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