​भाई की मौत, फिर भी प्रियंका की सुरक्षा में डटी थीं सीओ अर्चना सिंह, बोलीं- मैंने अपना फर्ज निभाया

लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को 'धक्का' देने और 'गला दबाने' के आरोपों के बाद चर्चा में आई सीओ अर्चना सिंह 2008 बैच की पीपीएस अफसर है। डॉ. अर्चना मूल रूप से बस्ती जिले की रहने वाली हैं। पति प्रोफेसर प्रमोद सिंह है, एक बेटा और एक बेटी है। अर्चना सिंह ने पीएचडी की है। पहले प्रयास में ही उनका चयन पीपीएस में हो गया था।

ड्यूटी के दौरान आई भाई के मौत की खबर

ड्यूटी के दौरान आई भाई के मौत की खबर

शनिवार सुबह सीओ अर्चना सिंह के चचेरे भाई की मौत की मौत हो गई थी, लेकिन वीवीआईपी ड्यूटी पर होने की वजह से उन्हें छुट्टी नहीं मिल सकी। अर्चना सिंह के मुताबिक, चचेरे भाई को पीलिया हो गया था। दिल्ली के एक अस्पताल में वो एडमिट था। उसकी मौत की खबर मिलने के बाद उन्होंने छुट्टी मांगी, जो उन्हें नहीं मिली।

क्या है पूरा घटनाक्रम

क्या है पूरा घटनाक्रम

प्रियंका गांधी वाड्रा नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हिंसा के दौरान मारे गए लोगों के परिवारों और हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार हुए सोशल एक्टिविस्टों से मिल रही हैं। इसी सिलसिले में शनिवार को प्रियंका लखनऊ में गिरफ्तार रिटायर्ड एसआर दारापुरी के परिवार से मिलने जा रही थी। प्रियंका ने आरोप लगाया था कि उन्हें जगह-जगह रोका गया। जब वे पैदल चलने लगीं तो एक महिला पुलिसकर्मी ने उन्हें धक्कर देकर गिरा दिया और गला दबाया। वहीं, प्रियंका गांधी अपने बयान से बाद में मुकर गईं। उन्होंने कहा कि उनके ‘गले पर हाथ' रखा गया था।

सीओ अर्चना सिंह ने कहा- मैंने अपनी ड्यूटी निभाई

सीओ अर्चना सिंह ने कहा- मैंने अपनी ड्यूटी निभाई

अर्चना सिंह ने अपर पुलिस अधीक्षक प्रोटोकाल को भेजे पत्र में कहा है कि मेरी ड्यूटी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के कार्यक्रम में फ्लीट प्रभारी के रूप में थी। कांग्रेस महासचिव ने पार्टी कार्यालय माल एवेन्यू से गोखले मार्ग स्थित कौल हाउस के लिए निकलीं, लेकिन 1090 चौराहे से निर्धारित मार्ग पर फ्लीट पर कई गाड़ियां जा रही थी, लेकिन प्रियंका गांधी की गाड़ी निर्धारित मार्ग पर न जाकर लोहिया पथ की तरफ जाने लगी। तब मैंने सुरक्षा के लिहाज से जानकारी चाही, मुझे नहीं पता था कि वे कहां जाना चाहती हैं, जिस पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा जानकारी देने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद प्रियंका गांधी गाड़ी से उतरकर पैदल कार्यकर्ताओं के साथ चलने लगीं। उन्होंने कहा- सोशल मीडिया पर कुछ भ्रामक बातें जैसे गला पकड़ना/गिराना आदि प्रसारित किया गया, जो असत्य है। मेरे द्वारा कर्तव्य निष्ठा से अपनी ड्यूटी का निवर्हन किया गया। घटना के दौरान मेरे साथ भी धक्का-मुक्की हुई। लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि मॉर्निंग इंचार्ज डॉक्टर अर्चना सिंह ने एडिशनल सुपरीटेंडेंट को एक रिपोर्ट पेश की है, जहां उन्होंने बताया है कि प्रियंका गांधी वाड्रा की गाड़ी तय रूट पर नहीं जा रही थी, किसी अन्य रूट पर थी।

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