आखिर गंगा के जल में क्यूं मर जातें है जीवाणु, सरकार करायेगी जांच

लखनऊ। भारत में गंगा की अविरल धारा के प्रति लोगों की अटूट आस्था है। लोगों में ऐसा विश्वास है कि गंगा के जल में दैवीय गुण हैं और इसका इस्तेमाल औषधि के तौर पर किया जा सकता है। देखिये गंगा सफाई अभियान की हकीकत


कई अनुसंधानों और स्टडीज में यह बात निकलकर सामने आयी है कि गंगा के जल में कई औषधीय गुण मौजूद हैं। शोध के अनुसार गंगा के जल में बैक्टीरिया और जीवाणुओ को नष्ट हो जाते हैं।

गंगा के औषधीय गुणों को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि वह गंगा के औषधीय गुणों की शोध के लिए हर संभव मदद करेंगे।

नड्डा ने कहा कि वह शोध एजेंसियों को हर तरह से मदद करेंगे जिससे यह पताया लगाया जा सके कि गंगा के जल में कीटाणु क्यों नहीं लगते हैं। यही नहीं गंगा जल ना सिर्फ खुद को स्वच्छ रखने की क्षमता रखता है बल्कि गंदे पानी को भी स्वच्छ कर देता है।

जिस तरह से गंगा कई प्रदेशों और जिलों से होते हुए 2600 किलोमीटर का सफर तय करती है और करोड़ो लोगों को जीवन मुहैया कराती है।

गंगा के औषधीय गुणों की जांच के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली के अलावा आई आई टी कानपुर और रूड़की तथा बनारस हिन्दू विश्व विद्यालय, राष्ट्रीय पर्यावरण अनुसंधान संस्थान तथा राष्ट्रीय वानस्पतिक अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक जुटे हुए हैं।

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