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आज शाम से थम जाएगा पहले चरण का चुनाव प्रचार, यूपी की इन 8 सीटों पर लगी दिग्गजों की साख दांव पर

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Lucknow News, लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के प्रथम चरण यानि 11 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए चल रहा प्रचार आज शाम 5 बजे से थम जाएगा। मंगलवार को चुनाव प्रचार के अंतिम दिन सभी पार्टियों के प्रत्याशियों ने अपनी पूरी ताकत मतदाताओं को अपनी और करने में झोंक दी है। बता दें कि सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में संसदीय सीटों के लिए 96 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। इस सीटों के लिए 11 अप्रैल सुबह 7 से शाम 6 बजे तक वोटिंग होगी।

1.50 करोड़ मतदाता करेंगे इन दिग्गजों के भाग्य का फैसला

1.50 करोड़ मतदाता करेंगे इन दिग्गजों के भाग्य का फैसला

प्रथम चरण के लिए चुनाव आयोग ने 6716 मतदान केंद्र और 16,581 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इन आठ लोकसभा क्षेत्रों में लगभग 1.50 करोड़ मतदाता हैं, इनमें 82.24 लाख पुरुष, 68.39 लाख महिला और 1014 तृतीय लिंग मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। आपकों बता दें कि प्रथम चरण के लिए होने वाले चुनाव में उत्तर प्रदेश के कई दिग्गजों की साख दांव पर लगी हुई है। जिसमें बीजेपी के संजीव बालियान, सत्यपाल सिंह, राजेंद्र अग्रवाल, डॉ महेश शर्मा, वीके सिंह, राघव लखनपाल, कुंवर भारतेन्द्र सिंह, रालोद के अजीत सिंह, जयंत चौधरी, कांग्रेस के इमरान मसूद, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, बसपा के हाजी याकूब, सपा के तबस्सुम हसन शामिल हैं।

गौतमबुद्ध नगर सीट पर लगी महेश शर्मा की साख दांव

गौतमबुद्ध नगर सीट पर लगी महेश शर्मा की साख दांव

2008 में हुए परिसीमन के बाद गौतमबुद्धनगर सीट अस्तित्व में आई थी। इस सीट पर 2009 में बसपा के सुरेंद्र सिंह ने जीत दर्ज कराई थी। लेकिन 2014 में मोदी लहर में महेश शर्मा ने शानदार जीत दर्ज की. अब एक बार फिर बीजेपी ने नोएडा से महेश शर्मा पर दांव लगाया है। वहीं, सपा-बसपा, रालोद गठबंधन ने सतवीर नागर को मैदान में उतारा है। आपको बता दें कि गौतमबुद्ध नगर सीट पर सबसे ज्यादा गुर्जर और ठाकुर वोटर्स हैं।

गाजियाबाद सीट पर भाजपा और गठबंधन में टक्कर

गाजियाबाद सीट पर भाजपा और गठबंधन में टक्कर

गाजियाबाद सीट की गिनती वीआईपी (VIP) सीटों में होती है। इस सीट पर पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह वर्तमान सांसद है और भाजपा के प्रत्याशी भी है। वीके सिंह का सीधा मुकाबला गठबंधन के प्रत्याशी सुरेश बंसल से है। शहरी सीट होने के नाते यहां बीजेपी का पलड़ा भारी लग रहा है। वहीं, कांग्रेस ने इस सीट पर डॉली शर्मा को चुनावी मैदान में उतारा है।

राजेंद्र अग्रवाल की साख लगी दांव पर

राजेंद्र अग्रवाल की साख लगी दांव पर

आपको बता दें कि मेरठ सीट बीजेपी का गढ़ मानी जाती है। इस सीट वैश्य और जाट मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। यहां भाजपा ने एक बार फिर राजेंद्र अग्रवाल पर भरोसा जताया है। वहीं, गठबंधन की तरफ से हाजी याकूब कुरैशी मैदान में हैं। कांग्रेस ने भी इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास के पुत्र हरेंद्र अग्रवाल को मैदान में उतारा है।

कैराना सीट पर लगी है सब की निगाहें

कैराना सीट पर लगी है सब की निगाहें

प्रथम चरण के लिए होने वाले चुनाव में सब की निगाहें यूपी की हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक कैराना पर लगी हुई है। इस सीट पर मुकाबला हसन घराना और हुकुम सिंह परिवार के बीच रहा है। पिछले चुनाव में हुकुम सिंह ने जीत दर्ज की थी। हालांकि उनके देहांत के बाद हुए उपचुनाव में रालोद की तबस्सुम हसन ने हुकुम सिंह की बेटी बीजेपी की मृगांका सिंह को हराया था। इस बार बीजेपी ने मृगांका को टिकट नहीं दिया है। उनकी जगह विधायक प्रदीप चौधरी को मैदान में उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने भी इस सीट से हरेन्द्र मलिक को चुनावी मैदान में उतारा है। बता दें कि इस सीट पर भाजपा के प्रदीप चौधरी और सपा की तबसुम हसन के बीच सीधा मुकाबला है। लेकिन कांग्रेस के प्रत्याशी हरेंद्र मलिक ने दोनों पार्टियों की चिंता बढ़ा दी है।

सहारनपुर सीट पर इमरान मसूद की साख दांव पर लगी

सहारनपुर सीट पर इमरान मसूद की साख दांव पर लगी

सहारनपुर सीट पर भाजपा के राघव लखनपाल, कांग्रेस के इमरान मसूद और गठबंधन के फजलुर्रहमान के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। बता दें कि 2014 में भाजपा के प्रत्याशी राघव लखनपाल ने अपने प्रतिद्वंदी को 65 हजार से अधिक वोटों से मात दी थी।

बिजनौर सीट पर भाजपा को होगी मुश्किल

बिजनौर सीट पर भाजपा को होगी मुश्किल

बिजनौर में भाजपा के कुंवर भारतेन्द्र और बसपा के मलूक नागर के बीच सीधी टक्कर है। वहीं, कांग्रेस ने इस सीट से नसीमुद्दीन सिद्दीकी को मैदान में उतारा है। मुस्लिम और गुर्जर बाहुल्य इस सीट पर फिलहाल बीजेपी का कब्जा है। बिजनौर लोकसभा सीट पर करीब 35 फीसदी मुस्लिम और तीन लाख दलित और दो लाख जाट मतदाता हैं। ऐसे में गठबंधन अगर तीनों जातीय समीकरण को साधने में कामयाब रहते हैं तो बीजेपी के लिए वापसी कर पाना काफी मुश्किल होगा।

बागपत सीट पर लगी अजीत सिंह की साख दांव पर

बागपत सीट पर लगी अजीत सिंह की साख दांव पर

बागपत सीट से रालोद के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी की साख दांव पर लगी है। इस सीट पर भाजपा के मौजूदा सांसद सत्यपाल सिंह चुनाव मैदान में है। वहीं कांग्रेस ने मुजफ्फरनगर से अजित सिंह और बागपत से जयंत सिंह के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। बल्कि, कांग्रेस रालोद का समर्थन कर रही है। इसलिए इस सीट पर अब सीधा मुकाबला बीजेपी और गठबंधन के उम्मीदवार के बीच है।

पढ़े:- लोकसभा चुनाव की विस्तृत कवरेज

इस सीट पर कांग्रेस ने खड़ी की चुनौती

इस सीट पर कांग्रेस ने खड़ी की चुनौती

मुजफ्फरनगर सीट की बात करें तो इस सीट पर सीधा मुकाबला जाट बनाम जाट के बीच है। पिछले चुनाव में बागपत से हारने वाले अजीत सिंह इस बार गठबंधन के तहत मुजफ्फरनगर से चुनाव मैदान में हैं। उनके सामने मौजूदा सांसद संजीव बालियान हैं। बता दें कि मुजफ्फरनगर सीट पर जाट और मुसलमान मतदाता निर्णायक हैं। वहीं, जाट वोटों में बिखराव के चलते संजीव बालियान के सामने बड़ी चुनौती है। क्योंकि कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है, लिहाजा मुस्लिम वोट एकमुश्त गठबंधन को जाता दिख रहा है।

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लखनऊ की जंग, आंकड़ों की जुबानी
Po.no Candidate's Name Votes Party
1 Rajnath Singh 633026 BJP
2 Poonam Shatrughan Sinha 285724 SP

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English summary
campaign for the first phase will be stopped from today evening
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