बसपा छोड़ने वाले दिग्गज नेताओं का सिलसिला नहीं थम रहा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने में अभी तकरीबन छह महीने का वक्त बाकी है लेकिन चुनाव से पहले बसपा को एक के बाद एक बड़ा झटका लग रहा है। पहले स्वामी प्रसाद मौर्या फिर आरके चौधरी और अब रबींद्र नाथ त्रिपाठी ने पार्टी को अलविदा कह दिया है। रबींद्र नात त्रिपाठी को बसपा का कद्दावर नेता माना जाता है।
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उन्हें भदोही जिले का बड़ा नेता माना जाता है, ऐसे में उनके पार्टी छोड़ने से एक बार फिर से प्रदेश की राजनीति गरमा गयी है। रबींद्र नाथ को भदोही सहित आस पास के जिलों में बड़ा नेता माना जाता था यही नहीं बहुजन समाज पार्टी में वह ब्राह्मण वोटों के अगुवा के रूप में देखे जाते थे ऐसे में उनके पार्टी छोड़ने से पार्टी के जनाधार को बड़ा असर जरूर पहुंचेगा।
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रबींद्र नाथ को 2012 में भदोही के चुनावी मैदान में उतरे थे लेकिन वह चुनाव हार गये थे। हालांकि वह इस सीट पर दूसरे नंबर रहे थे और उन्हें पार्टी में काफी लोकप्रियता भी मिली थी। बहरहाल देखने वाली बात यह है कि जिस तरह से बहन मायावती का एक बाद एक बड़े नेता साथ छोड़ रहे हैं उसका पार्टी पर क्या असर पड़ता है। हालांकि मायावती ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर व्यक्तिगत लाभ नहीं मिलने के चलते पार्टी छोड़ने का आरोप लगाया है।












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