यूपी का एक ऐसा गांव जो है दहेज मुक्त पर 400 परिवार कर्ज में डूबे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के तलीफपुर गांव के लोगों ने एक अनोखी शुरुआत की है। शादी के लिए जिस तरह से लड़की के परिवार वाले अपनी जमीन-जायदाद और गहनों तक को गिरवी रखते हुए उसे देखते हुए यहां के लोगों ने गांव को दहेजमुक्त गांव बनाने का फैसला लिया है। गांव में रहने वाले 400 से अधिक लोगों के परिवारों को गांव के इस फैसले से बड़ी राहत मिल सकती है।

शादी के कार्यक्रमों के लिए उधार नहीं मांगना पड़े इसके लिए दो लाख रुपए की जमा राशि हमेशा मौजूद रहेगी जो आपात काल में परिवार की मदद के काम आय़ेगी। लखनऊ के डीएम राजशेखऱ ने बताया कि गांव की ग्राम सभा कॉर्पोरेशन प्लान के तहत दहेज मुक्त गांव बनाने का फैसला लिया गया है। डीएम ने खुद गांव का दौरा करके इस अहम फैसले का स्वागत किया है।
गांव की प्रधान श्वेता सिंह ने कहा कि गांव के लिए इस योजना की आधारशिला जनवरी माह में ही रखी गयी थी। उन्होंने बताया कि गांव के लोगों के लिए 350 प्वाइंट का प्लान बनाया गया हैं जिन परिस्थितियों में यहां रहने वाले लोगो को मदद पहुंचायी जाएगी।
आपको बता दें कि गांव की प्रधान श्वेता सिंह कंप्यूटर साइंस से मास्टर की डिग्री ले रखी है जबकि वह खुद एक फैक्ट्री चलाती हैं। उनके पति अखिलेश ग्राम सभा के सलाहकार हैं। वह समाजशास्त्र से पीएचडी हैं। उन्होंने ही गांव को गरीबी से उबारने के लिए यह प्लान बनाया था।
लतीफपुर गांव में रहने वाले 450 परिवारों में से 400 परिवार वालों ने अपनी जमीन या तो गिरवी रखी है या बेच दी है जिससे की वह अपनी बेटियों की शादी कर सके। यह समस्या दुल्हे और दुल्हन दोनों ही पक्षों की समान है। अखिलेश कहते हैं गांव के इस सर्वे के बाद ही गांव को दहेज मुक्त बनाने का फैसला लिया गया है। सर्वे के बाद ग्राम सभा ने जन्म, मरण, स्वास्थ्य संबंधी आपातकाल सहित सहित तमाम आपातकालीन परिस्थितियों के लिए 2 लाख रुपए का जमा निधि बनायी गयी। जिससे अभी तक छह महीनो में 10 परिवारों की मदद की जा चुकी है।












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