भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन ब्लास्ट मामले में 7 आतंकियों को फांसी की सजा, 1 को उम्रकैद
Bhopal-Ujjain Train Blast: विशेष कोर्ट ने दाखिल चार्जशीट, प्रस्तुत साक्ष्य व गवाहों के बयान के आधार पर 7 आरोपियों को मौत की सजा तो 1 आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

7 मार्च 2017 को भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में हुए ब्लास्ट मामले में सात दोषियों को फांसी और एक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। प्रतिबंधित संगठन आईएसआईएस के आतंकी मोहम्मद फैसल, गौस मुहम्मद खान, मो. अजहर, आतिफ मुज्जफर, मो. दानिश, सैयद मीर हुसैन और आसिफ इकबाल उर्फ रॉकी को मृत्यु दंड की सजा, जबकि मो. आतिफ उर्फ आतिफ ईरानी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। लखनऊ की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने आईपीसी की धारा 121 के तहत मंगलवार देर शाम दोषियों की सजा का ऐलान किया।

क्या था पूरा मामला ?
7 मार्च 2017 को भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन (59320) सुबह 6:25 बजे तय समय से भोपाल स्टेशन से रवाना हुई। सुबह 9:38 बजे का वक्त रहा होगा। शाजापुर जिले के कालापीपल के पास जबड़ी रेलवे स्टेशन के करीब ट्रेन में ब्लास्ट हुआ। इसमें नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग ट्रेन से कूद गए। उसकी वजह से उन्हें चोटें आईं। ब्लास्ट की आवाज सुनकर कुछ लोगों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका।
जिसके बाद 14 मार्च 2017 को केंद्र सरकार ने मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी। जांच में सामने आया कि आतंकी संगठन ISIS से जुड़े आतंकियों ने बम प्लांट किया था। जांच एजेंसियों ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से सभी नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

इंटरनेट के जरिये भड़काता है आईएसआईएस
मामले में एटीएस के डिप्टी एसपी मनीष चंद्र सोनकर ने आठ मार्च, 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि आईएसआईएस लगातार इंटरनेट पर आतंकवादी घटनाओं का वीडियो अपलोड कर मुस्लिम नौजवानों को अपने संगठन से जोड़ने और देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश में जुटा है।
इसी से प्रभावित होकर मो. फैसल, दानिश अख्तर, आतिफ मुजफ्फर, सैफुल्ला व अजहर ने सात मार्च, 2017 को मध्यप्रदेश के शाजापुर में पैसेंजर ट्रेन में धमाके की साजिश रची थी। पूर्व में भी ये लोग आईएसआईएस के लिए जिहाद और आतंकी वारदातों को अंजाम देने की बात किया करते थे।

खलीफा के नाम की ली थी शपथ
सुराग मिलने पर पुलिस ने फैसल को कानपुर से गिरफ्तार कर मोबाइल व नकदी बरामद की थी। पूछताछ में उसने बताया कि वारदात में शामिल आतिफ मुजफ्फर, दानिश अख्तर और सैफुल्ला उसी के मुहल्ले के हैं। जबकि गौस मुहम्मद का घर पर आना जाना रहता था। वारदात को अंजाम देने के लिए इन लोगों ने खलीफा के नाम की शपथ ली थी।
मुठभेड़ में मारा गया था आतंकी सैफुल्ला
पुलिस ने इन सभी आतंकियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। जबकि काकोरी में हुई मुठभेड़ में सैफुल्ला मारा गया था। अन्य आरोपियों के पास से भारी मात्रा में गोला बारूद व हथियार बरामद हुए थे। इसके बाद मामले की विवेचना एनआईए ने करते हुए बाकी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की।
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7 आरोपियों को मौत की सजा तो 1 आरोपी को आजीवन कारावास
वहीं मंगलवार शाम को सजा सुनाए जाने से पहले सभी आरोपियों को जेल से लाकर कोर्ट में पेश किया गया। इस मामले में कोर्ट ने बीती 25 फरवरी को सजा पर बहस पूरी करते हुए 27 फरवरी को सजा सुनाए जाने की बात कही थी। बाद में कोर्ट ने कहा कि सजा का एलान 28 फरवरी को होगा। विशेष कोर्ट ने दाखिल चार्जशीट, प्रस्तुत साक्ष्य व गवाहों के बयान के आधार पर दोषियों को देश के खिलाफ युद्ध करने, आतंकी गतिविधियों के लिए धन एकत्रित करने, विस्फोटक और हथियार एकत्र कर देश के खिलाफ युद्ध की तैयारी करने, जाकिर नाइक का वीडियो दिखा कर नौजवानों को जेहाद के लिए प्रशिक्षण देने के साथ ही प्रतिबंधित हथियार एके 47 और कारतूस रखने का दोषी मानते हुए 7 आरोपियों को मौत की सजा तो 1 आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।












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