Uttarakhand Glacier Burst: लखीमपुर खीरी के 15 मजदूर लापता, परिजनों में कोहराम
Uttarakhand Glacier Burst: लखीमपुर खीरी। उत्तराखंड के जोशीमठ में ग्लेशियर फटने से आई तबाही में अब तक 11 शव बरामद किए जा चुके हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि करीब 203 लोग अभी भी लापता हैं। इस तबाही से यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में भी कोहराम मचा हुआ है। दरअसल, खीरी के 15 मजदूर उत्तराखंड में चल रहे तपोवन के पॉवर प्रोजेक्ट में काम करने गए थे। हादसे के पास से किसी से भी संपर्क नहीं हो रहा है। त्रासदी में बचे एक मजदूर ने अपने परिजनों को जानकारी देते हुए बताया कि वह तो बच गया, लेकिन उसके साथ काम करे रहे 15 साथी या तो सैलाब में बह गए या फिर सुरंग में फंसे हैं। लापता लोगों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।

उत्तराखंड के चमोली में हुए हादसे में लखीमपुर खीरी के निघासन तहसील क्षेत्र के इंडो नेपाल बॉर्डर पर स्थित गांव बाबू पुरवा, भेरमपुर, मांझा और गांव कड़िया हैं। बाबूपुरवा गांव के पांच युवक हीरालाल, सूरज, अर्जुन, विमलेश, धर्मेंद और अरुण अभी तक लापता हैं, जिनकी कोई सूचना नहीं मिल पाई हैं। 10 युवक भेरमपुर व मांझा गांव के भी हैं, इनसे भी परिजनों का कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। बताया जा रहा है कि ये लोग पावर प्रोजेक्ट में काम करने के लिए गए थे। इन सभी के साथ गया एक युवक विमल ग्लेशियर फटने से आई तबाही के दौरान बच गया। विमन ने अपने परिजनों को फोन कर बताया कि सभी साथी पानी के तेज बहाव में डूबकर लापता हो गए हैं।
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उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से मची तबाही में अबतक 11 शव बरामद हुए हैं। करीब 203 लोग अभी भी लापता हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को दी है। इस हादसे में तपोवन का पावर प्रोजेक्ट तबाह हो गया है। रविवार को आईटीबीपी के जवानों ने टनल में फंसे 12 लोगों को निकाला है। वहीं, दूसरे टनल में अब भी करीब 30 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। सुरंगों के पास से मलबा हटाया जा रहा है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए राज्य और केंद्र सरकार ने मुआवजे की घोषणा की है। राज्य सरकार चार और केंद्र सरकार दो लाख रुपए की सहयोग राशि देगी।












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