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शपथ ग्रहण के तुरंत बाद एक्शन में सीएम ममता, कूच बिहार के एसपी को किया सस्पेंड, कई अधिकारियों के तबादले

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कोलकाता, 6 मई। ममता बनर्जी ने सीएम की कुर्सी संभालने के चंद घंटों बाद की पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया। मुख्य रूप से उन्होंने शीर्ष स्तर के उन 29 अधिकारियों का ट्रांसफर किया जिनकी चुनाव आयोग द्वारा चुनावों के दौरान बदली की गई थी। अब इन अधिकारियों को वापस उसी जगह पर भेजा गया है जहां वे चुनावों से पहले कार्यरत थे।

Mamata Banerjee

इन अधिकारियों में डीजी वीरेंद्र, एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) जावेज शमीम, डीजी सुरक्षा विवेक सहाय शामिल हैं। इस बाबत आदेश बुधवार की शाम को ही जारी कर दिया गया था।

सरकार ने कूचबिहार जिले के एसपी देबाशीष धर को भी निलंबित कर दिया, जहां के सीतलकुची निर्वाचन क्षेत्र में 10 अप्रैल को मतदान के दौरान सीआईएसएफ की गोलीबारी में चार लोग मारे गए थे।

ममता बनर्जी ने इस मामले में सीबीआई जांचे के आदेश दिये हैं। चुनाव के दौरान धर को के कन्नन को हटाकर कूच बिहार का एसपी बनाया गया था और कन्नन को ओसीडब्लू (अधिकारी-अनिवार्य-प्रतीक्षा) पर भेज दिया गया था।

वहीं नीरज पांडे जिन्हें डीजी वीरेंद्र की जगह नया डीजी बनाया गया था उन्हें वापस (अग्नि सेवा) का डीजी बनाया गया है।

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इसी प्रकार एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) जगमोहन को दोबारा नागरिक सुरक्षा में भेजा गया है और जावेद शमीम को दोबारा एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) बनाया गया है। शमीम को लेफ्ट की रैली के दौरान पुलिस द्वारा की गई कथित ज्यादती के लिए स्थानांतरित कर दिया गया था।

इसी प्रकार पूर्व डीजी (सुरक्षा) विवेक सहाय को दोबारा से यही पोस्ट दी गई है। आयोग ने उन्हें मुख्यमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी ठीक से न निभाने के लिए हटा दिया गया था।

वहीं चुनाव के दौरान एडीजी सुरक्षा के रूप में काम करने वाले ज्ञानवंत सिंह को उनके पहले का पद वापस दिया गया है इसके अलावा उन्हें एडीजी और सशस्त्र पुलिस के आईजीपी की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। इसके अतिरिक ओसीडब्लू पर भेजे गए संजय सिंह को पश्चिमी रेंज का एडीजी और आईजी बनाया गया है। सुबह मुख्यमंत्री ने संकेत दिया था कि वह विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस की 'अक्षमता' से खुश नहीं हैं।

उस दौरान उन्होंने कहा था कि पिछले 3 महीनों में प्रशासन मेरे हाथ में नहीं रहा उसे चुनाव आयोग देख रहा था। यहां कुछ अक्षमताएं हैं और हम जल्द ही इसपर निर्णय लेंगे। राज्य के गृह विभाग ने मुख्यमंत्री के आदेश पर कुछ आवश्यक फेरबदल किये हैं। मनोज वर्मा को बराकपुर कमिश्नरेट के आयुक्त की दोबारा जिम्मेदारी दी गई है। चुनाव आयोग ने वर्मा को चुनाव के दौरान काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स का आईजी नियुक्त किया था। वहीं मितेश जैन, जिन्हें आसनसोल-दुर्गापर कमिश्नरेट का कमिश्नर बनाया गया था, उन्हें अनिवार्य प्रतीक्षा में भेजा गया है।

वहीं, अजय ठाकुर तो वर्तमान में राज्य पुलिस में डीआईजी, सीआईडी के पद पर तैनात थे उन्हें वापस उनके पुराने पद पर भेजा गया है।

इसके अलावा दो अन्य आयुक्तों के भी ट्रांसफर किये गए हैं।

गौरव शर्मा जो वर्तमान में चंद्रनगर पुलिस कमिश्नरेट में आयुक्त के पद पर तैनात थे उन्हें सिलिगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट भेजा गया है। वहीं, अर्नब घोष को दोबारा चंद्रनगर का आयुक्त बनाया गया है। चुनाव आयोग ने उन्हें पश्चिम बंगाल पुलिस सुधार बोर्ड के सदस्य सचिव के पद पर तैनात कर दिया था। डीआईजी बारासात रेंज मुकेश को भी अधिकारी के लिए अनिवार्य प्रतीक्षा पर भेजा गया है।
इसके अलावा ममता सरकार ने 16 जिलों के पुलिस अधीक्षकों के भी ट्रांसफर किये हैं।

English summary
Mamata government called back the police officers removed by the Election Commission
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