• search
कोलकाता न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

पश्चिम बंगाल चुनाव: राहुल गांधी ने जहां-जहां की रैली, वहां कांग्रेस उम्मीवारों की जमानत हुई जब्त

|

कोलकाता, 3 मई। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में इस बार ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी से प्रचंड विजय प्राप्त की। राज्य की 292 सीटों पर हुए चुनावों में से पार्टी ने 213 सीटों पर जीत दर्ज की वहीं, दूसरी तरफ बंगाल में तीसरा मोर्चा इस बार बुरी तरह फेल हो गया। हालत यह हुई की उसके 85 फीसदी उम्मीदवार अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए। यहां तक की जिन दो सीटों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रैली की थी उनपर भी पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा। तीसरे मोर्चे के पतन का सीधा-सीधा फायदा ममता बनर्जी की पार्टी को हुआ।

 rahul gandhi

न्यूज 18 के आकलन के मुताबकि तीसरे मोर्चे के 292 में से केवल 42 उम्मीदवार की अपनी जमानत बचा सके। मालूम हो कि यदि कोई उम्मीदवार किसी सीट पर 16.5% से कम सीटें पाता है तो उसकी जमानत जब्त हो जाती है। वाम और कांग्रेस दोनों को इस बार के चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली, जबकि भारतीय धर्मनिर्पेक्ष मोर्चा को केवल एक सीट प्राप्त हुई। इस चुनाव में कांग्रेस के लिए सबसे शर्मनाक बात यह रही कि वह माटीगारा-नक्सलबाड़ी और गोलपोखर पर बुरी तरह से हार गई, इन दोनों ही सीटों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 14 अप्रैल को रैलियां की थीं।

यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में बीजेपी हारी तो खुश हुआ पाकिस्तान, मुस्लिम देशों की मीडिया में 'जश्न'

इस दो सीटों पर खड़े कांग्रेस के उम्मीदवार अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। मालूम हो कि माटीगारा-नक्सलबाड़ी सीट पर एक दशक से कांग्रेस का कब्जा था। इस बार इस सीट पर तीसरी बार चुनाव लड़े कांग्रेस के वर्तमान विधायक शंकर मालाकार को इस बार मात्र 9% वोट मिले। इसी तरह गोपालपोखर में भी कांग्रेस को 12% वोटों से संतोष करना पड़ा। इस सीट पर 2006-2009, 2011-2016 तक कांग्रेस का कब्जा रहा।

अगर तीसरे मोर्चे के गठबंधन दलों की बात करें तो वाम 170 में से 21 सीटों पर जमानत बचा सका, कांग्रेस 90 में से 11 सीटों पर और आईएसएफ 30 में से 10 सीटों पर अपनी जमानत बचा सका। तीनों में से सबसे अच्छा प्रदर्शन आईएसएफ का रहा। आईएसएफ ने हरोरा, बसीरहाट उत्तर, देगंगा और कैंनिंग पूरबा में भाजपा को तीसरे स्थान पर धकेलकर दूसरा स्थान प्राप्त किया। यानी की तीसरे मोर्चे में शामिल हुई फुरफुरा शरीफ के मौलवी अब्बास सिद्दीकी की पार्टी ने तीनों में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया।

वहीं वाम चार सीटों पर दूसरे स्थान पर रहा जबकि कांग्रेस जो सीटों जोयपुर और रानीनगर में दूसरे स्थान पर रही। तीसरे मोर्चे के पतन का पूरा फायदा तृणमूल कांग्रेस को मिला। पार्टी ने 2016 की तुलना में 2 सीटें ज्यादा हासिल कीं। कुल मिलाकर कांग्रेस पश्चिम बंगाल में केवल 2.94% वोट ही सुरक्षित रख सकी, जबकि वाम केवल 5% वोट सुरक्षित रख सकी।

English summary
congress lost deposits in both seats where rahul held rallies in west bengal
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X