विकास दुबे एनकाउंटर: मां सरला ने कहा- मुझे नहीं जाना कानपुर
कानपुर। आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का मास्टर माइंड और पांच लाख रुपए का इनामी विकास दुबे शुक्रवार की सुबह एनकाउंटर में ढेर हो गया। पुलिस की मानें तो यूपी एसटीएफ की टीम विकास दुबे को मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से लेकर कानपुर आ रही थी, तभी रास्ते में काफिले की गाड़ी डिवाइडर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस दौरान विकास दुबे ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश करने लगा और जवाबी कार्रवाई में मारा गया।

विकास दुबे के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उसके शव को हैलट अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए लाया गया। यहां 12 बजकर 50 मिनट पर विकास दुबे के शव का पोस्टमॉर्टम डॉक्टरों के एक पैनल ने शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई। साथ ही विकास दुबे के पोस्टमॉर्टम से पहले कोरोना वायरस का सैंपल भी लिया गया था और विशेष सावधानियां के साथ डॉक्टरों पोस्टमॉर्टम किया। हालांकि विकास दुबे की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, परिजनों ने दुर्दांत अपराधी विकास दुबे का शव लेने से इनकार कर दिया है। विकास के परिजन पोस्टमॉर्टम हाउस भी नहीं पहुंचे है। ऐसा माना जा रहा है कि वे विकास का शव लेने से केवल इसलिए घबरा रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि कही वे किसी नई मुसीबत में न फंस जाये। वहीं, दूसरी तरफ विकास दुबे की मां सरला देवी ने कानपुर जाने से इनकार कर दिया है। दरअसल, विकास दुबे के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद लखनऊ स्थित उसके पड़ोसियों ने उसकी मां सरला देवी से कानपुर जाने के लिए वाहन का प्रबंध करने के लिए पूछा तो सरला देवी ने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मुझे कानपुर नहीं जाना। विकास दुबे के साथ मेरा कोई संबंध नहीं है।












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