कानपुर: आवारा पशुओं पर प्रशासन सख्त, हादसा हुआ तो मालिक पर चलेगा 'हत्या' का केस
Kanpur News, कानपुर. आवारा-बेसहारा पशुओं से सूबे में जगह-जगह हो रही समस्याओं के चलते योगी के आदेशों के बाद प्रशासन ने सख्त रूख अख्तियार किया है। कानपुर में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने आवारा पशुओं को स्कूल, अस्पतालों में बंद किए जाने के संदर्भ में पशुपालकों को आड़े हाथ लिया है। इसके लिए डीएम ने जिले में धारा 144 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी है। इसके अनुसार, यदि पशुस्वामी अपने पशुओं को सड़क पर लावारिस छोड़ेगा तो उसके खिलाफ धारा 188 (144 का उल्लंघन) में एफआईआर दर्ज कर दी जाएगी।

होगा गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा
वहीं, सडकों पर घूमते पशुओं से यदि दुर्घटना में मौत होती है तो पशुपालक पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। यह आदेश आते ही कानपुर में तहलका सा मच गया है, क्योंकि कोई भी पशुपालक अपने पशुओं को यूं ही छोड़ने से दो बार सोचेगा। पशुओं को लावारिस सड़कों पर नहीं छोड़ेगा। उसे अपने परिसर में ही बांधकर रखना पड़ेगा।
नगर निगम ने धर-पकड़ शुरू की
नगर निगम का कैटल कैचिंग दस्ता भी शहर में घूम घूम कर आवारा पशुओं की धर-पकड़ कर रहा है।पकड़े गए पशुओं के पशुपालकों पर जुर्माना कर उनके पशुओं को छोड़ा जाएगा। साथ ही, पशुपालकों को भविष्य की चेतावनी भी दी जाएगी। जिलाधिकारी कानपुर विजय विश्वास पंत ने इस सख्त कार्यवाही की जानकारी देते हुए कहा कि नगर और ग्रामीण क्षेत्रो में अलग-अलग व्यवस्था की गई हैं। आवारा पशुओं को पकड़कर काँजी हाउस में रखा जाएगा। इन पशुओं का आंकड़ा इकठ्ठा कर लिया गया है। इस बड़ी समस्या का हल जल्द ही पूरा होगा। एडीएम फायनेंस से जुड़े संजय चौहान के अनुसार, जिले में धारा 144 लागू की गई है। लावारिस छोड़ने वाले पशुपालको पर कानूनी कार्यवाही होगी और जुर्माना वसूला जाएगा।












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