ऐसा गांव जहां 34 साल से नहीं लिखी गई कोई भी FIR
कानपुर। आज का हर अखबार, हर टीवी न्यूज चैनल अपराध की खबरों से भरा पड़ा होता है। अपराधी बेलगाम हो चुके हैं तो कानून उनके सामने बौना महसूस होने लगा है। ऐसे में क्या आप यक़ीन कर सकेंगे कि कोई ऐसा भी इलाका या गांव हो सकता है जहां की पुलिस के पास कोई काम न हो। न अपराधी को पकड़ने का काम, ना एफआईआर लिखने की जरुरत। यकीनन आप नहीं मानेंगे।

लेकिन हम आपको एक ऐसे गांव के बारे मे बता रहे हैं, यहां पिछले 34 साल से एक भी केस दर्ज नहीं हुआ। जी हां यहां के किसी भी पुलिस स्टेशन में पिछले 34 सालों में कोई भी मामला दर्ज नहीं किया गया है। इससे भी ताज्जुव की बात आपको बता दें, जिस इलाके की हम बात कर रहे हैं वहां 34 साल पहले खून की होली खेली गई थी। अंधाधुंध फायरिंग के बाद 20 लाशों का ढेर लगा दिया गया था।
हम बात कर रहे हैं कानपुर देहात जिले के बेहमई गांव में हुआ था। खूंखार डकैत फूलन देवी ने 34 साल पहले इसी गांव में मौत का तांडव मचाया था। लेकिन एक वक्त वो था और एक आज का वक्त है। पिछले 34 साल में यहां कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।बेहमई की पुलिस चौकी में पिछले 34 बरस में एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। 34 साल से पुलिस के जवान चौकी में तैनात भी है, तब भी ऐसा कैसे हो सकता है।
कानपुर आईजी के मुताबिक बेहमई में डकैतों का मूवमेंट इलाके में खत्म हो चुका है इसलिए FIR दर्ज नहीं होती है। लेकिन इस मामले के उजागर होने के बात इस बात की ओर भी इशारा किया जा रहा है कि कहीं ये पुलिसवालों की दबंगई का सहारा लेकर गांववालों को मामला दर्काज करवाने से तो नहीं रोकते।












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