शीतलहर का कहर : Kanpur में पिछले 7 दिनों में 100 से ज्यादा मौतें, मरने वालों में बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक
यूपी के कानपुर में ठंड के चलते पिछले एक हफ्ते में दिल और मस्तिष्क के स्ट्रोक से अबतक 108 लोगों की मौत हो चुकी है। जिनमे 51 की मौत अस्पताल में हुई जबकि 57 मरीजों की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत्यु हो गई।

उत्तर भारत के कई राज्यों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का कहर लगातार जारी है। ताजा मिली जानकारी के अनुसार यूपी के कानपुर में ठंड के चलते पिछले एक हफ्ते में दिल और मस्तिष्क के स्ट्रोक से अबतक 108 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले 7 दिनों के ये आंकड़े एलपीएस इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी द्वारा जारी किये गए हैं। जिनमे 51 की मौत अस्पताल में हुई जबकि 57 मरीजों की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत्यु हो गई। हृदयरोग संस्थान के डायरेक्टर डॉ विनय कृष्ण का कहना है कि इस बार पड़ी अचानक ठण्ड से हार्ट अटैक की समस्या बढ़ गई है और ठंड से इतनी मौते एक गंभीर विषय है।

ठंड के कारण 108 मौतें, कानपूर में जारी शीतलहर का कहर
दरअसल, कानपुर में 1 जनवरी से 8 जनवरी यानी 7 दिनों के बीच भीषण ठंड के कारण हुए हार्ट अटैक और ब्रेन अटैक से कुल 108 मौतें हुई हैं। जानकारी अनुसार 51 व्यक्तियो की इलाज के दौरान हार्टअटैक से और 57 व्यक्तियों की हृदयरोग संस्थान पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कानपुर में सर्दी ने इस बार 50 साल के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। पारा लगातार नए नए रिकॉर्ड बना रहा है। ऐसे में लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। बढ़ती ठंड अब जानलेवा होती जा रही है क्योंकि हार्टअटैक और ब्रेन स्ट्रोक से मरने वालों का आंकड़ा रोज बढ़ता ही जा रहा है। कानपुर के लक्ष्मीपति सिंघानिया हृदय संस्थान ने पिछले 7 दिनों का जो आंकड़ा जारी किया है, उसमें अधिकतर व्यक्ति 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के हैं।

'दवा का डोज़ बढ़ा लेना चाहिए' - डॉक्टर
बता दें कि कानपुर का कार्डियोलॉजी अस्पताल आसपास के जिलों में हृदय रोग का सबसे बेहतरीन अस्पताल है। लेकिन ठंड की वजह से यहां पर मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। कार्डियोलॉजी संस्थान ने जो आंकड़े जारी किए है उसके मुताबिक कानपुर में हार्ट अटैक से ज्यादा लोगों की मौतें सामने आई हैं। हृदय रोग संस्थान के डायरेक्टर विनय कृष्णा की माने तो इस वक्त बुजुर्गों को बहुत ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत है। भीषण ठंड में खून जमने लगता है और नसे सिकुड़ने लगती है, जिससे हार्टअटैक की संभावनाएं बढ़ जाती है। 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगो को बहुत एहतियात बरतने की आवश्यकता है। ऐसे में वो अचानक घर से बाहर न निकले क्योकि टेम्परेचर बदलने से भी खतरा बढ़ जाता है। साथ ही उन्होंने हृदयरोग के मरीजों को सलाह देते हुए कहा है कि जिनकी दवाईयां चल रही है, उनको अपने डॉक्टर से कंसल्ट करके दवा का डोज़ बढ़ा लेना चाहिए।
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हर उम्र के व्यक्ति को है खतरा
आपको बता दें कि पिछले 7 दिनों में हुई 108 मौतों में सबसे ज्यादा बुजुर्ग ठण्ड की चपेट में आकर अपनी जान गवां चुके हैं। जिन 51 मरीजों की मौत इलाज के दौरान अस्पताल में हुई है, उनमे से 25 व्यक्ति 60 साल से ज्यादा के थे और 12 लोग 50-60 की उम्र के थे। वहीं 9 लोग 40-50 साल के और 5 व्यक्ति 30 से 40 वर्ष के बीच के थे। हालांकि 30-40 वर्ष की आयु वाले व्यक्तियों की मौत का आंकड़ा भले ही कम हो परन्तु यह एक चिंताजनक विषय है क्योंकि आमतौर पर इतनी कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक की समस्या नहीं होती है। इसलिए जरूरी है कि हर आयु वर्ग के लोग सचेत रहें और बुजुर्गों के लिए ठंड से बचने का उचित इंतेज़ाम करें।












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