इकलौती बेटी का शव दो दिन तक कमरे में रखकर रोता रहा बुजुर्ग

कानपुर। जब आप बुजुर्ग और मानसिक रूप से कमजोर हों और आपका आखिरी सहारा आपकी बेटी की मौत हो जाये तो व्यक्ति के दुख का अंदाजा लगाना काफी मुश्किल हो जाता है। कानपुर के हटिया में रहने वाली लक्ष्मी गुप्ता जिनकी उम्र 82 वर्ष है उनकी पत्नी की बहुत पहले मृत्यु हो चुकी है। उनकी इकलौती बेटी रुचि गुप्ता काफी लंबे समय से बीमार चल रही थी जिसकी मृत्यु हो गयी।

पांच दिन तक शव को घर से नहीं निकलने दिया गया

Man kept on crying with the dead body of his only daughter for two days

अपनी बेटी की मृत्यु से आहत लक्ष्मी ने दो दिन तक अपनी इकलौटी बेटी को कमरे से बाहर नहीं जाने दिया, उन्होंने हर उस शख्श को भगा दिया जो बेटी के अंतिम संस्कार के लिए आये। जब इस मामले की जानकारी लोगो ने पुलिस को दी तो पुलिस वहां लक्ष्मी को समझाने के लिए आयी लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी।

लोगों ने बताया कि लक्ष्मी के रिश्तेदार इलाहाबाद में रहते हैं जिसके बाद उन्हें कानपुर बुलाया गया। लक्ष्मी के बेटे की मृत्यु छह साल पहले हो गयी थी लेकिन वह यह कहते रहे कि उनका बेटा आयेगा। वह लोगों से कह रहे थे कि बेटा मुंबई में है और जल्द ही कानपुर पहुंच रहा है। दो दिन बाद लक्ष्मी के रिश्तेदारों ने किसी तरह से उन्हें समझाया और अंतिम संस्कार के लिए तैयार किया। दो दिन तक शव के घर में ही रहने की वजह से उसकी दुर्गंध आस-पास फैलने लगी थी।

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