खुशी दुबे की मां ने नहीं, बल्कि बहन नेहा तिवारी ने किया नामांकन, जानिए, ऐन मौके पर क्यों बदला कांग्रेस ने टिकट
खुशी दुबे की मां ने नहीं, बल्कि बहन नेहा तिवारी ने किया नामांकन, जानिए, ऐन मौके पर क्यों बदला कांग्रेस ने टिकट
कानपुर, 01 फरवरी: बहुचर्चित बिकरू कांड में मारे गए अमर दूबे की साली और जेल में बंद खुशी दुबे की बहन नेहा तिवारी ने आज (01 फरवरी) कानपुर जिले की कल्याणपुर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया। नेहा तिवारी के राजनीति में उतरने और चुनाव लड़ने के पीछे बहन खुशी दुबे को न्याय नहीं मिलना बताया जा रहा है। हालांकि, नेहा तिवारी को कांग्रेस ने ऐन वक्त पर अपनी प्रत्याशी घोषित किया है। इससे पहले कांग्रेस पार्टी ने नेहा दुबे की मां गायत्री तिवारी को कल्याणपुर सीट से अपना प्रत्याशी घोषित किया था।

Recommended Video
यूपी कांग्रेस के ऑफिशियल ट्वीटर हैंडल से करीब 22 घंटे पहले गायत्री तिवारी के साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की तस्वीरे ट्वीट गई थी। तस्वीर ट्वीट करने के साथ लिखा था, 'भाजपा सरकार कानपुर की बेटी खुशी दुबे को महीनों से जेल में डालकर प्रताड़ित कर रही है। कांग्रेस ने पीड़िता की मां गायत्री तिवारी को टिकट देकर उनका हाथ मजबूत करने का फैसला किया है। वर्ग, जाति, धर्म चाहे जो हो, जहां भी कोई पीड़ित है, कांग्रेस उसके साथ खड़ी है।' लेकिन ऐन मौके पर कांग्रेस को गायत्री तिवारी की जगह उनकी बेटी नेहा तिवारी के नाम पर मुहर लगानी पड़ी।
दरअसल, गायत्री तिवारी का नाम मतदान सूची में नहीं था, इस वजह से वो नामांकन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकती थी। गायत्री तिवारी के चुनाव ना लड़ पाने की वजह से उनकी बेटी और खुशी दुबे की बहन नेहा तिवारी चुनावी मैदान में उतारने का फैसला लिया। तो वहीं, खुशी दुबे की बहन नेहा तिवारी ने कानपुर की कल्याणपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया। हालांकि नामांकन के वक्त शहर कांग्रेस की पदाधिकारी दूर बैठे रहे।
शादी के बाद मुठभेड़ में मारा गया था अमर दुबे
खुशी दुबे की शादी बीते 29 जून 2020 को अमर दुबे से हुई थी। शादी के महज तीन दिनों बाद 2 जुलाई 2020 की रात विकास दुबे के घर पर पुलिस टीम दबिश देने के लिए पहुंची थी। इसी दौरान विकास दुबे ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर 8 पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। बिकरू कांड को अंजाम देने के बाद अमर दुबे फरार हो गया था। बीते 8 जुलाई को हमीरपुर के मौदाहा में एसटीएफ ने अमर दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस ने खुशी दूबे को भी बिकरू कांड में आरोपी बनाया था। पुलिस ने खुशी दुबे पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था।












Click it and Unblock the Notifications