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कानपुर शूटआउट: जानिए कौन है शिवली का डॉन विकास दुबे, जिसे पकड़ने में गई 8 पुलिसकर्मियों की जान

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कानपुर। 'शिवली का डॉन' नाम से मशहूर हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के घर दबिश देने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। फायरिंग में सीओ समेत आठ पुलिस की मौत हो गई, जबकि सात पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस फायरिंग के बाद एसएसपी, तीन एसपी और एक दर्जन से अधिक थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। जानिए कौन है शिवली का डॉन विकास दुबे...

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    Kanpur Encounter: Vikas Dubey पर हैं 60 FIR,मंत्री की थाने में घुसकर की थी हत्या | वनइंडिया हिंदी
    अपराध की दुनिया में बनाना चाहता था अपना नाम

    अपराध की दुनिया में बनाना चाहता था अपना नाम

    विकास दुबे, कानपुर देहात के चौबेपुर थाना क्षेत्र के विकरू गांव का रहने वाला है। विकास दुबे बचपन से ही अपराध की दुनिया में अपना नाम बनाना चाहता था। विकास के बारे में कहा जाता है कि उसने युवाओं की फौज तैयार कर रखी थी। इस फौज के साथ वह कानपुर नगर से लेकर कानपुर देहात तक लूट, डकैती, मर्डर जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम देता रहा है।

    कहलाता था शिवली का डॉन

    कहलाता था शिवली का डॉन

    विकास दुबे ने पंचायत और निकाय चुनावों में कई नेताओं के लिए भी काम किया था। इस दौरान उसके संबंध कई पार्टियों और नेताओं से हो गए थे। विकास दुबे ने 2001 में दर्ज प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला को थाने के अंदर घुसकर गोलियों से भून डाला था। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर के बाद शिवली के डॉन ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया और कुछ माह के बाद जमानत पर बाहर आ गया। इसके अलावा, वर्ष 2000 में कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या में भी विकास का नाम आया था।

    अपराधों की लिस्ट है काफी लंबी

    अपराधों की लिस्ट है काफी लंबी

    कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र में ही वर्ष 2000 में रामबाबू यादव की हत्या के मामले में विकास की जेल के भीतर रहकर साजिश रचने का आरोप है। वर्ष 2004 में केबिल व्यवसायी दिनेश दुबे की हत्या के मामले में भी विकास आरोपी है। वर्ष 2018 में विकास दुबे नें अपने चचेरे भाई अनुराग पर जानलेवा हमला किया था। उसने माती जेल में बैठकर पूरे साजिश रची थी। अनुराग की पत्नी ने विकास समेत चार लोगों को नामजद किया था।

    राजनीतिक दलों में थी अच्छी पकड़

    राजनीतिक दलों में थी अच्छी पकड़

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विकास दुबे की यूपी के चारों राजनीतिक दलों में पकड़ है। 2002 के जब बसपा की सरकार थीं तब इसका सिक्का बिल्हौर, शिवराजपुर, रिनयां, चौबेपुर के साथ ही कानपुर नगर में चलता था। इस दौरान इसने जमीनों पर अवैध के साथ और गैर कानूनी तरीके से संपत्ति बनाई। जेल में रहने के दौरान शिवराजपुर से नगर पंचयात का चुनाव जीत गया था। इस दौरान विकास ने अपना खुद का एक बड़ा गैंग खड़ा कर लिया था। इसके ऊपर 60 से से ज्यादा मामले दर्ज हैं जो डीटू गैंग के सरगना मोनू पहाड़ी से भी ज्यादा हैं। पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम रखा हुआ था।

    ये भी पढ़ें:- कानपुर में हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर फायरिंग, एसओ शिवराजपुर सहित ये 8 पुलिसकर्मी शहीद

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    English summary
    Kanpur Shootout: Know who is Don Vikas Dubey
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