IIT कानपुर के सहायक कुलसचिव ने फांसी लगाकर जान दी, बेटे के कोरोना पॉजिटिव होने से थे परेशान
कानपुर, मई 11: आईआईटी कानपुर में सहायक कुलसचिव सुरजीत दास (40) ने आवासीय परिसर स्थित अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि सुरजीत के बेटे को कोरोना था। इसको लेकर वह डिप्रेशन का शिकार हो गए। बेटे के ठीक होने के बाद सुरजीत का इलाज दिल्ली में चल रहा था, लेकिन उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद वह कानपुर के होम्योपैथिक डॉक्टर से इलाज करा रहे थे। सोमवार की देर रात उन्होंने डयनिंग टेबल पर खड़े होकर रस्सी के सहारे पंखे से फांसी लगा ली।

असम के रहने वाले थे सहायक कुलसचिव
आईआईटी कानपुर में सहायक कुलसचिव के पद पर तैनात सुरजीत दास मूलरूप से असम के रहने वाले थे। वह आईआईटी में आवासीय परिसर स्थित आवास में पत्नी बुलबुल दास और दो बेटों छह वर्षीय शोभित और डेढ़ वर्षीय सुनियोजित के साथ रहते थे। पुलिस ने बताया कि छोटा बेटा सुनियोजित पिछले महीने कोरोना पॉजिटिव हो गया था, जिसे लेकर सुरजीत डिप्रेशन का शिकार हो गए। सुनियोजित तो ठीक हो गया, लेकिन सुरजीत नहीं ठीक हो पाए। उनका डिप्रेशन बढ़ता गया, जिसकी वजह से उनका इलाज दिल्ली में चला। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। सुरजीत कानपुर के होम्योपैथिक डॉक्टर से इलाज करा रहे थे।
आधी रात में उठाया खौफनाक कदम
परिजनों ने बताया कि वह सोमवार की रात खाना खाने के बाद कमरे में सोने चले गए, लेकिन देर रात वह फिर बाहर आए और डाइनिंग टेबल पर खड़े होकर रस्सी के सहारे पंखे से फांसी लगा ली। सुबह जब पत्नी सोकर उठी तो नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। आईआईटी सिक्योरिटी ने सुरजीत को फांसी के फंदे से उतारकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मामले में कल्याणपुर थाने के इंस्पेक्टर वीर सिंह ने बताया कि परिवार से बात करने पर सुरजीत के डिप्रेशन में होने की बात सामने आई है। अन्य बिंदुओं को लेकर भी परिवार से दोबारा पूछताछ की जाएगी। कल्याणपुर एसीपी दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है, कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। सुसाइड के कारणों को लेकर परिवार से पूछताछ की जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications