समाजवादी इत्र वाले नहीं हैं धनकुबेर पीयूष जैन, सपा एमएलसी पम्पी जैन से कनेक्शन की सच्चाई का खुलासा
कन्नौज, 25 दिसंबर। 24 दिसंबर को पान मसाला और इत्र कारोबारी पीयूष जैन के कानपुर स्थित मकान में छापेमारी में करोड़ों रुपए कैश में मिले। जीएसटी चोरी के इस बड़े मामले के पर्दाफाश के साथ ही पीयूष जैन का नाम भाजपा ने सपा के साथ जोड़ा। भाजपा उत्तर प्रदेश ने छापेमारी में मिले नोटों का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि सपाइयों, तुम्हारे पापों का दुर्गंध भ्रष्टाचार के इत्र से नहीं जाएगी। 150 करोड़ का काला धन जब्त हुआ है। भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई होती है तो अखिलेश जी को दर्द होना स्वाभाविक है। हलांकि जब मीडिया रिपोर्टों में यह बात छपी कि पीयूष जैन अखिलेश यादव के करीबी हैं तो मीडिया कर्मियों ने ही इसकी पड़ताल की। इसमें पता चला कि समाजवादी इत्र को लॉन्च करने वाले कारोबारी पीयूष जैन नहीं, सपा एमएलसी पुष्पराज जैन उर्फ पम्पी जैन हैं।

पीयूष जैन पर अखिलेश ने किया ट्वीट
भाजपा के आरोप के बाद ही सपा मुखिया अखिलेश यादव ने ट्वीट कर बताया था कि कारोबारी पीयूष जैन का एमएलसी पम्पी जैन और सपा के साथ कोई संबंध नहीं है। सपा नेता मनीष जगन अग्रवाल ने इस बारे में ट्वीट किया जिसको अखिलेश ने रिट्वीट किया। सपा नेता ने कहा कि भाजपा और मीडिया पीयूष जैन को सपा से जबरन जोड़कर पार्टी को बदनाम कर रही है। सपा एमएलसी पम्पी जैन से पीयूष जैन का कोई मतलब नहीं। इसके बाद अखिलेश यादव ने एक और ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि सुबह तलक चीखकर सुना रहे थे कुछ ख़बरनवीस 'जिसके' गुनाह की कहानी... 'उसका' बादशाह से ताल्लुक़ निकलते ही शाम तलक वो खामोश हो गये...

पीयूष को भाजपा समर्थक बता रही है सपा
अलग-अलग न्यूज मीडिया ने भी पीयूष जैन को समाजवादी इत्र लॉन्च करने वाला कारोबारी और सपा से जुड़ा बताया। लेकिन बाद में वही मीडिया चैनल जब इसकी पड़ताल करने कन्नौज पहुंचे तो वहां उनको सच्चाई कुछ और ही पता चली। आज तक न्यूज चैनल ने लिखा कि जब उनकी टीम कन्नौज पहुंची तो स्थानीय लोगों ने बताया कि पीयूष जैन का संबंध किसी भी पार्टी से नहीं है। साथ ही, समाजवादी इत्र लॉन्च करने वाले सपा एमएलसी पम्पी जैन और पीयूष जैन के बीच इतना ही सबंध है कि दोनों कन्नौज के एक ही मोहल्ले के रहने वाले हैं और दोनों ही जैन हैं। इससे आगे कोई संबंध नहीं है। पम्पी जैन ने भी पीयूष जैन से कोई रिश्ता होने से इनकार किया है। मीडिया की आलोचना करते हुए ही अखिलेश यादव ने लिखा कि पीयूष जैन का बादशाह से ताल्लुक निकलते ही खबरनवीस खामोश हो गए। यहां बादशाह से अखिलेश यादव ने भाजपा की तरफ इशारा किया है। सपा नेता मनीष जगन अग्रवाल ने ट्वीट में कहा था पीयूष जैन भाजपा को चंदा देता था।
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पीयूष जैन के घर में मिले 175 करोड़ से ज्यादा कैश
कानपुर के धनकुबेर के नाम से चर्चित पीयूष जैन के घर और अन्य ठिकानों पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और डीजीजीआई ने छापेमारी की और जीएसटी चोरी के बड़े मामले का पर्दाफाश हुआ। पीयूष जैन के घर में आलमारियां मिलीं जिनमें नोटों के बंडल रखे हुए थे। घर में तहखाने का भी पता चला है। बहरहाल, नोटों के इतने बंडल थे कि गिनने के लिए मशीनें मंगाई गई और फिर कई बक्सों में भरकर ले जाया गया। पीयूष जैन पर आरोप है कि फर्जी कंपनियों के नाम से बिल बनाकर करोड़ों रुपए जीएसटी की चोरी उन्होंने की है। इस मामले में इनकम टैक्स विभाग और डीजीजीआई की कार्रवाई जारी है।
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