झारखंड में महिलाएं बनेंगी गेम चेंजर? 81 में 68 सीटों पर पुरुषों से ज्यादा डाले वोट, क्या है इसके सियासी मायने
Jharkhand Vidhan Chunav 2024: झारखंड विधानसभा चुनावों में एक नया सियासी ट्रेंड देखने को मिला है, जहां महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ते हुए मतदान में सक्रिय भागीदारी दिखाई है। भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने कहा है कि झारखंड की 81 विधानसभा सीटों में से 68 पर महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा वोट डाले हैं।
इस वोटिंग पैटर्न से झारखंड की राजनीति में महिलाओं के बढ़ते प्रभाव का संकेत मिलता है। इस बदलाव से राजनीतिक विश्लेषक भी चकित हैं और इसे आने वाली सरकार के गठन पर प्रभाव डालने वाला एक अहम फैक्टर मान रहे हैं। राज्य में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी ने यह साबित कर दिया है कि वे अब केवल एक वोटर नहीं, बल्कि चुनावी गणित में महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुकी हैं। इस बार महिला ही झारखंड में गेम चेंजर साबित होंगी।

झारखंड की 81 विधानसभा सीटों में से 68 पर महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक झारखंड विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा रही है। 81 में से 68 सीटों पर महिलाओं ने ज्यादा मतदान किया। राज्य में कुल 67.74% मतदान हुआ, जो 2019 के चुनावों की तुलना में 1.65% ज़्यादा है।
झारखंड में मतदान दो चरणों में 13 नवंबर को 43 सीटों के लिए और 20 नवंबर को 38 सीटों के लिए हुआ। 1.29 करोड़ महिला मतदाताओं सहित 2.61 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से 1.76 करोड़ से ज्यादा लोगों ने वोट डाले।
चुनाव आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक 91.16 लाख महिलाओं ने मतदान किया है। जो पुरुषों के मतदान से 5.52 लाख अधिक है। दूसरे चरण की 38 में से 31 सीटों पर महिलाओं ने ज्यादा वोटिंग की है। पहले चरण की 43 सीटों में से 37 पर महिलाएं आगे थीं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि झारखंड में कुल 1 करोड़ 76 लाख 81 हजार सात लोगों ने वोट डाले हैं। इसमें से महिल वोटरों की संख्या पुरुषों की तुलना में 5 लाख 52 हजार ज्यादा है। 91 लाख 16 हजार महिलाओं ने वोट किया है और 85 लाख 64 हजार 524 पुरुषों ने मताधिकार का इस्तेमाल किया है।
महिलाओं की ज्यादा वोटिंग पर सियासी विश्लेषक क्या कहते हैं?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं का यह बढ़ता मतदान प्रतिशत आगामी चुनावों में पार्टियों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। अधिकांश महिलाओं के मुद्दे, जैसे कि सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार रहते हैं। अगर कोई पार्टी इन मुद्दों पर सही तरीके से ध्यान देती है, तो उसे महिला मतदाताओं का समर्थन मिलने की संभावना है।
राजनीतिक विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि महिलाओं ने इस बार अपने वोट के माध्यम से यह संदेश दिया है कि वे केवल घरेलू मुद्दों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज और देश की सियासत में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं।
झारखंड में महिलाओं का वोट प्रतिशत बढ़ने का मुख्य कारण यह है कि अब सरकार को उनकी समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत है। सुरक्षा, शैक्षिक अवसरों, और स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर इंतजाम जैसी समस्याएं महिलाओं के लिए प्राथमिक हैं। महिलाओं के प्रति किसी भी पार्टी का दृष्टिकोण और नीतियां चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकती हैं। इस बार कई राजनीतिक दलों ने महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की, और उनका असर मतदान में दिखा।












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