Jharkhand: 8 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य, हजारों किसानों को MSP पर बोनस का तोहफा

झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने इस साल किसानों को धान की खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 10 रुपए प्रति क्विंटल बोनस का ऐलान किया है। इस फैसले से हजारों सूखा-पीड़ित किसान लाभांवित होंगे।

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झारखंड में इस बार सरकार की ओर से धान खरीद का कार्य 15 दिसंबर से शुरू हो रहा है। हेमंत सोरेन सरकार ने इस बार एक बड़ा फैसला ये लिया है कि सूखा पीड़ित किसानों को धान की खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य के अलावा प्रति क्विंटल 10 रुपए बोनस के तौर पर देगी। राज्य सरकार ने यह व्यवस्था साल 2022-23 के लिए किया है। हेमंत सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में यह फैसला लिया है। इस फैसले से राज्य के हजारों किसानों को फायदा मिलने जा रहा है।

एमएसपी के अतिरिक्त प्रति क्विंटल 10 रुपए बोनस
धान के एमएसपी की बात करें तो केंद्र सरकार ने जेनरल वरायटी के धान के लिए 2,040 रुपए प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की हुई है। वहीं वित्त वर्ष 2022-23 में सरकारी केंद्रों में खरीदे जाने वाले ए-ग्रेड के धान के लिए 2,060 रुपए प्रति क्विंटल की रेट तय की गई है। झारखंड की कबिनेट सचिव वंदना दादेल ने कहा है, 'राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त 10 रुपए की रकम देने के फैसले के बाद एक सूखा-पीड़ित किसान को जेनरल वेरायटी के एक क्विंटल धान बेचने पर 2,050 रुपए मिलेंगे, जबकि, ए-ग्रेड के एक क्विंटल के लिए 2,070 रुपए प्रति क्विंटल मिलेंगे।'

200 क्विंटल तक धान एमएसपी पर बेच सकेंगे किसान
झारखंड की कैबिनेट सचिव के मुताबिक राज्य सरकार ने चालू सीजन में 8 लाख मीट्रिक टन धान किसानों से खरीदने का लक्ष्य तय किया है। अधिकारी ने कहा कि 'एक किसान अधिकतम 200 क्विंटल धान बेच सकता है।'

राज्य खाद्य निगम की ओर से भी बोनस पर विचार
उधर झारखंड के वित्त मंत्री और खाद्य, जन-वितरण और उपभोक्ता मामलों के विभाग के मंत्री रामेश्वर ओरांव ने कहा है, 'राज्य खाद्य निगम (state food corporation) भी धान खरीद प्रक्रिया पर नजर रख रहा है और इस साल वह भी किसानों को बोनस की रकम देगा। एसएफसी वित्तीय तौर पर मजबूत नहीं है और बैंकों से लोन लेकर किसानों को बोनस उपलब्ध करवाएगा। ' कृषि विभाग के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि साल 2021-22 में एमएसपी पर 110 रुपए का बोनस था, जबकि वित्त वर्ष 2020-21 में यह 182 रुपए था।

50% पेमेंट सरकारी खरीद केंद्रों पर ही
सरकारी व्यवस्था के मुताबिक किसानों को समर्थन मूल्य का 50% का पेमेंट सरकारी खरीद केंद्रों पर ही किया जाएगा। भुगतान की व्यवस्था भी ऐसी होगी कि पहले धान बेचने वाले किसानों को पहले भुगतान किया जाएगा। यदि किसानों के मोबाइल नंबर या बैंक खातों में कोई परिवर्तन हुआ है तो वह पोर्टल पर उसमें बदलाव कर सकेंगे। साथ ही जो किसान किसी वजह से अभी भी रजिस्ट्रेशन नहीं करवा सकें है, वह भी करा सकते हैं। रजिस्टर्ड किसानों को खरीद केंद्रों और तारीखों की जानकारी मोबाइल के जरिए दी जाएगी।

हेमंत सोरेन सरकार ने 15 दिसंबर से धान खरीद की व्यवस्था शुरू करने के लिए राज्य आपूर्ति विभाग को तत्काल जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। (इनपुट-पीटीआई)

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