दुमका 12वीं क्लास की छात्रा की मौत मामले में झारखंड पुलिस की SIT जांच, 10 सदस्यीय टीम का गठन
दुमका में 12 क्लास की बच्ची की मौत मामले में झारखंड पुलिस ने स्पेशल जांच दल (SIT) का गठन किया है। dumka class 12 girl case sit probe jharkhand police
दुमका (झारखंड), 30 अगस्त : 12वीं कक्षा की बच्ची की मौत के मामले में झारखंड पुलिस की एसआईटी जांच करेगी। पुलिस ने 10 सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है। दुमका के डीआईजी एसपी मंडल ने बताया कि झारखंड पुलिस की 10- सदस्यीय एसआईटी जांच के लिए गठित की गई है। फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है। मामले की निगरानी पुलिस अधीक्षक (SP) करेंगे। उन्होंने कहा कि 12वीं कक्षा की बच्ची की मौत गंभीर मामला है।

अब तक 2 आरोपी गिरफ्तार
झारखंड पुलिस के एडीजी मुख्यालय एमएल मीणा ने बताया, पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी निगरानी एसपी करेंगे। अब तक 2 आरोपित गिरफ्तार हुए हैं। सभी कोणों से जांच जारी है।
10 सदस्यीय जांच दल दुमका में
मंगलवार को झारखंड पुलिस की क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) के डीएसपी संदीप कुमार गुप्ता के नेतृत्व में 10 सदस्यीय जांच दल दुमका में घटनास्थल पर पहुंची। लड़की के आवास पर पहुंची टीम में सीआईडी, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और फिंगर प्रिंट ब्यूरो के सदस्य शामिल हैं।
घटनास्थल से सबूत जुटा रही SIT
सीआईडी डीएसपी संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि SIT घटनास्थल से सबूत इकट्ठा कर रही है। इसे बाद में कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। SIT को सोमवार को दुमका आने का आदेश मिला।

एसपी स्तर के अधिकारी की निगरानी
दुमका के एसपी अंबर लकड़ा ने कहा, एसडीपीओ नूर मुस्तफा को मामले की निगरानी से हटा दिया गया है। उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। अब मामले की जांच निरीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारी करेंगे, जिसकी निगरानी एसपी स्तर के अधिकारी करेंगे।
23 अगस्त को आग लगाई, 29 को अंतिम संस्कार
बता दें कि 12वीं कक्षा की अंकिता सिंह को 23 अगस्त को आग के हवाले कर दिया गया था। इसके बाद उसे रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (रिम्स) में भर्ती कराया गया था, जहां 28 अगस्त को उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध किया, जिसके बाद धारा 144 लागू कर दी गई। एक आरोपी की पहचान शाहरुख के रूप में हुई है जिसे 23 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और सोमवार को एक नईम उर्फ छोटू खान को गिरफ्तार किया गया था। अंकिता सिंह का सोमवार सुबह अंतिम संस्कार किया गया।
10 लाख रुपये की सहायता
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को दुमका प्रशासन को लड़की के परिजनों को 10 लाख रुपये की सहायता देने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार सोरेन ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट से कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। पुलिस महानिदेशक को एडीजी रैंक के अधिकारी द्वारा अनुसंधान की प्रगति पर शीघ्र रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया गया है।
मृतका के पिता का बयान
बता दें कि शाहरूख नाम के लड़के पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का आरोप लगा है। मृतका के पिता ने कहा कि सोते समय घर की खिड़की से उनकी बेटी पर पेट्रोल डाला गया और आग लगा दी गई। पीड़िता के पिता का कहना है कि झारखंड सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण बर्न वार्ड में पर्याप्त और बेहतर इलाज नहीं कराया जा सका।












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