Jaunpur News: इंजीनियर अपहरण मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह दोषी करार, कल सुनाई जाएगी सजा
Jaunpur News: जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह को प्रोजेक्ट मैनेजर के अपहरण मामले में कोर्ट ने दोषी पाया है। मंगलवार को कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया। जौनपुर की एडीजे कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए फैसला सुनाया।
कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद पूर्व सांसद धनंजय सिंह को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। बुधवार को उन्हें सजा सुनाई जाएगी। दोषी करार दिए जाने की सूचना मिलने के बाद धनंजय सिंह के समर्थकों में मायूसी है।

पूर्व सांसद धनंजय सिंह मौजूदा समय में जदयू के राष्ट्रीय महासचिव हैं। जेडीयू और एनडीए का गठबंधन होने के बाद जौनपुर लोकसभा सीट से धनंजय सिंह टिकट की दावेदारी कर रहे थे। अभी हाल ही में टिकट भाजपा प्रत्याशी को मिलने के बाद उन्होंने बगावत करते हुए सोशल मीडिया पर चुनाव लड़ने का ऐलान भी किया था।
दरअसल, यह पूरा मामला साल 2020 का है। 10 में 2020 को मुजफ्फरनगर जनपद के रहने वाले अभिनव सिंघल द्वारा जौनपुर जनपद के लाइन बाजार थाने में धनंजय सिंह और उनके साथी विक्रम सिंह पर अपहरण और रंगदारी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
अभिनव सिंघल द्वारा आरोप लगाए गए थे कि संतोष विक्रम अपने साथियों के साथ उनका अपहरण करके पूर्व सांसद के आवास पर ले गए। वहां पर पूर्व सांसद धनंजय सिंह पिस्तौल लेकर आए और गाली देते हुए कम गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल करते हुए आपूर्ति करने के लिए दबाव बनाया।
अभिनव सिंघल द्वारा यह भी आरोप लगाए गए थे कि उनकी बात ना मानने पर धमकी देते हुए रंगदारी मांगी गई थी। इस मामले में मुकदमा दर्ज करने के बाद पूर्व सांसद धनंजय सिंह को गिरफ्तार किया गया था। बाद में उच्च न्यायालय से उनकी जमानत हो गई है।
पिछली तारीख पर सुनवाई के दौरान इस मामले में धनंजय सिंह और संतोष विक्रम द्वारा न्यायालय में आरो मुक्ति प्रार्थना पत्र दिया गया था। प्रार्थना की गई थी कि वादी पर दबाव डालते हुए मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
इस मामले में शासकीय अधिवक्ता द्वारा आपत्ति जाहिर की गई। वहीं अधिवक्ता द्वारा बताया गया कि सीसीटीवी फुटेज व्हाट्सएप मैसेज डीआर और गवाहों के बयान के आधार पर अपराध साबित होते हैं। ऐसे में आरोप मुक्ति प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया जाए।
मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद। न्यायालय ने प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया था। फिलहाल अब इसी मामले में मंगलवार को न्यायालय द्वारा पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके साथी संतोष विक्रम को दोषी करार दिया गया है।












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