India
  • search
जम्मू-कश्मीर न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
Oneindia App Download

अमरनाथ यात्रा में देवदूतों की तरह उतरे फौजी, भूस्खलन से तबाह पुलों को चंद घंटे में बना दिया

|
Google Oneindia News

जम्मू। ​बाबा बर्फानी के दर्शन करने अमरनाथ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं की राह पुल क्षतिग्रस्त होने से रुक गई थी। 1 जुलाई को बालटाल एक्सिस पर बरारीमार्ग के पास 2 पुल भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गए थे। जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर आए। वहीं, सुरक्षा में तैनात भारतीय सेना के जवानों को भी पता चल गया। जवानों ने तत्काल क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया। रातों-रात पुलों का पुनर्निर्माण हो गया। जिसके बाद श्रद्धालु सेना के जवानों का गुणगान करते दिखाई दिए।

देवदूत की तरह ​दिक्कतों से दिला रहे छुटकारा

देवदूत की तरह ​दिक्कतों से दिला रहे छुटकारा

यहां तस्वीरों को देखकर आप पूरा वाक्या समझ सकते हैं। अमरनाथ यात्रा के बीच, भारतीय सेना ने गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि में बालटाल मार्ग पर पुलों के बह जाने के बाद रिकॉर्ड समय में रातों-रात उनका पुनर्निर्माण किया है। यह सराहनीय काम भारतीय सेना की "चिनार-कॉर्प्स" के वीरों ने किया। इसी के साथ श्रद्धालुओं को लग रहे 4 घंटे से अधिक के चक्कर से छुटकारा मिल गया। चिनार कॉर्प्स के ट्विटर अकाउंट पर कुछ तस्वीरें साझा की गई हैं।

यहां भूस्खलन से हुई थी बर्बादी

यहां भूस्खलन से हुई थी बर्बादी

चिनार कॉर्प्स ने ट्वीट कर बताया, "1 जुलाई को, बालटाल एक्सिस पर बरारीमार्ग के पास 2 पुल भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गए थे। जिसका पता लगते ही चिनार कॉर्प्स की 13 इंजीनियर रेजिमेंट ने मौसम और अंधेरे की भारी बाधाओं से जूझते हुए रात में एक रिकॉर्ड समय में एक नया पुल बनाया। इसके परिणामस्वरूप यात्रा की सुचारू शुरुआत हुई और तीर्थयात्रियों को सुगम राह मिली। उनमें सुरक्षा की भावना जागी।",

जांबाजों ने चंद घंटों में बना दिया पुल

जांबाजों ने चंद घंटों में बना दिया पुल

इस उदाहरण ने एक बार फिर यह बात साबित कर दी कि कि भारतीय सेना कहीं भी, कभी भी पहुंचकर सुरक्षा प्रदान कर सकती है। सेना ने खुद भी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, '30 जून / 1 जुलाई की रात को तापमान में अचानक वृद्धि के कारण बालटाल मार्ग पर कालीमाता के पास नालों के फटने से भूस्खलन आया और उसके कारण कलामाता में पुल तबाह हो गए थे। सेना के जांबाजों ने चंद घंटों में रास्ता ठीक कर दिया।,"

चिनार कॉर्प्स के सैकड़ों जाबांज जुटे

चिनार कॉर्प्स के सैकड़ों जाबांज जुटे

बता दें कि, श्री अमरनाथ यात्रा 30 जून से शुरू हुई है।इसकी सुरक्षा और सुचारू संचालन के मामले में भारतीय सेना की चिनार कोर प्रशासन की सहायता कर रही है। प्रशासन ने नष्ट हुए पुलों की बहाली के लिए चिनार कोर की मांग की थी। जिसकी त्वरित प्रतिक्रिया में, चिनार कोर के किलो फोर्स ने पूरे प्रयास का समन्वय किया और हेलीकॉप्टर, खच्चरों, पोर्टर्स और मैन्युअल रूप से इंजीनियर रेजिमेंट द्वारा ब्रिजिंग स्टोर्स को शामिल करने सहित संसाधनों को जुटाया और हालत दुरुस्त कर दिए।

बाबा बर्फानी के दर्शन करने श्रद्धालुओं का चौथा जत्था रवाना, वाहन पर हाई-सिक्याेरिटी नंबर प्लेट है जरूरीबाबा बर्फानी के दर्शन करने श्रद्धालुओं का चौथा जत्था रवाना, वाहन पर हाई-सिक्याेरिटी नंबर प्लेट है जरूरी

हजारों फीट ऊंचाई पर विराजे हैं बाबा बर्फानी

हजारों फीट ऊंचाई पर विराजे हैं बाबा बर्फानी

जिनको अमरनाथ यात्रा के बारे में नहीं मालूम हो, उन्हें हम बता रहे हैं कि यह हिमालय की चोटियों में स्थित भगवान शिव के 3,880 मीटर ऊंचे गुफा मंदिर का तीर्थ है। यह यात्रा साल में एक बार होती है।

हजारों सुरक्षाकर्मी जगह जगह तैनात

हजारों सुरक्षाकर्मी जगह जगह तैनात

चूंकि अब यह दो साल के अंतराल के बाद उच्च खतरे के बीच शुरू हुई है, इसलिए सुरक्षित और सुरक्षित तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने के लिए विस्फोटकों का पता लगाने के साथ-साथ अन्य कार्यों के लिए सुरक्षा बलों के साथ-साथ 200 उच्च शक्ति वाले बुलेटप्रूफ वाहनों को संवेदनशील स्थानों पर रखा गया है। तीर्थ की ओर जाने वाले मार्गों पर 130 से अधिक खोजी कुत्तों को भी रखा गया है।

Comments
English summary
Watch: Video of Indian Army Chinar Corps reconstructed the bridges overnight for resumption of route AmarnathYatra
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X