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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों के पास अब नहीं रहेगा SSG, मिलती रहेगी Z+ सिक्योरटी

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, फारूक अब्दुल्ला और गुलाम नबी आजाद की सुरक्षा करने वाले विशेष सुरक्षा समूह (एसएसजी) का दायरा कम कर दिया जाएगा। यह फैसला जम्मू-कश्मीर प्रशासन के एक आदेश के तहत लिया गया है। जिसके बारे में अधिकारियों ने कहा कि, उक्‍त निर्णय सुरक्षा समीक्षा समन्वय समिति द्वारा लिया गया था, जो ऐसा ग्रुप है जो जम्मू-कश्मीर में महत्वपूर्ण नेताओं पर खतरे का आंकलन करता है।

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सरकारी अधिकारियों ने कहा कि, इस विशेष बल (एसएसजी) के जवानों की संख्या को "न्यूनतम" रखकर, "सही आकार" दिया जाएगा। इसकी अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक से नीचे के स्तर का एक अधिकारी करेगा। वहीं, एसएसजी को अब सेवारत मुख्यमंत्रियों और उनके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ताजा फैसला फारूक अब्दुल्ला, गुलाम नबी आजाद और दो अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के सुरक्षा कवर को वापस लेने के लिए मजबूर करेगा, वो भी ऐसे समय में जबकि श्रीनगर में कई आतंकी घटनाएं हुई हैं।

खास बात यह है कि, विशेष सुरक्षा समूह (एसएसजी) के अलावा, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड, जिन्‍हें ब्लैक कैट कमांडो के रूप में भी जाना जाता है, का सुरक्षा कवच फारूक अब्दुल्ला और आज़ाद को प्रदान किया जाता रहेगा, क्योंकि ये दोनों जेड-प्लस सिक्‍योरटी वाले हैं। इसके अलावा उमर अब्दुल्ला और महबूबा को जम्मू-कश्मीर में जेड प्लस सुरक्षा मिलती रहेगी, हालांकि, केंद्र शासित प्रदेश के बाहर होने पर इनके साथ विशेल बल कम होने की संभावना है।

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    अधिकारियों ने कहा कि, नेताओं को जिला पुलिस के साथ-साथ सुरक्षा विंग खतरे के आकलन के आधार पर सुरक्षा मुहैया कराएगी। उन्होंने कहा कि एसएसजी के कुछ जवानों को जम्मू-कश्मीर पुलिस की सिक्‍योरटी ब्रांच में 'करीबी सुरक्षा दल' के तौर पर तैनात किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि शेष एसएसजी कर्मियों को अन्य विंगों में तैनात किए जाने की संभावना है, ताकि पुलिस फोर्स उनके प्रशिक्षण और ज्ञान का सर्वोत्तम उपयोग कर सकें।

    बहरहाल, नए आदेश के तह जम्मू-कश्मीर पुलिस के सिक्‍योरटी विंग को वाहन और अन्य गैजेट्स ट्रांसफर किए जाएंगे। इस बीच, नई विधानसभा के निर्वाचित होने के बाद मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण करने तक एसएसजी सुरक्षा का काम संभाले रहेगा।

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    English summary
    The strength of SSG protecting former Chief Ministers of Jammu and Kashmir will be reduced
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