JK: जीत के बाद बदले उमर अब्दुल्ला के तेवर, विधायकों के नामांकन पर केंद्र को दी 'सुप्रीम कोर्ट' की चेतावनी
Jammu Kashmir Assembly Nominated MLA: जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद हुए विधानसभा चुनावों में नेशनल कॉन्फ्रेंस को भारी जीत हासिल हुई है। कुल 90 सीटों में से एनसी को 42 और गठबंधन सहयोग कांग्रेस ने 6 सीटें हासिल की है। हालांकि बीजेपी ने बेहतर प्रदर्शन करते हए 29 सीटों पर कब्जा जमाया है। लेकिन पीडीपी को सिर्फ 3 सीटें ही नसीब हुई है। ऐसे में अब जीत से गदगद नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने पांच विधायकों के नॉमिनेशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी दी है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से पांच सदस्यों को नामित ना करने के लिए कहा है। उनका कहना है कि इससे निर्वाचित सरकार और केंद्र के बीच टकराव बढ़ सकता है।

नामांकन पर बढ़ी तकरार, दी चेतावनी
उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि अगर नई विधानसभा में इस तरह के कोई नामांकन किए गए तो नई सरकार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा और इससे जम्मू-कश्मीर और केंद्र सरकार के बीच संबंधों में तनाव पैदा होगा। अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर केंद्र के साथ विवादास्पद संबंध नहीं रख सकता, क्योंकि उसे क्षेत्र में जटिल मुद्दों को सुलझाने के लिए केंद्र की मदद की जरूरत है।
बडगाम और गांदरबल के जीते अब्दुल्ला ने कहा, "इसके बाद हमें सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा और इसके खिलाफ अपील करनी होगी। केंद्र के साथ हमारे संबंधों में पहले दिन से ही तनाव होगा, एक ऐसा संबंध जिसे हम बनाना चाहते हैं।"
अब्दुल्ला ने केंद्र को लेकर कही ये बात?
अब्दुल्ला ने कहा कि यह कवायद निरर्थक है, क्योंकि इससे भाजपा को केंद्र शासित प्रदेश में सरकार बनाने के लिए बहुमत हासिल करने में मदद नहीं मिल सकती। उन्होंने कहा, "मैं उन्हें ऐसा (भाजपा से नामांकन) ना करने का सुझाव दूंगा। इन 5 लोगों को नामांकित करने से सरकार नहीं बदलेगी, तो इसका क्या फायदा? आप विपक्ष में बैठने के लिए 5 लोगों को अनावश्यक रूप से नामांकित करेंगे?"
एनसी-कांग्रेस गठबंधन ने 90 सदस्यीय विधानसभा में 49 सीटें हासिल कीं, और भाजपा ने 29 सीटें हासिल कीं। गठबंधन के पास सरकार बनाने के लिए आवश्यक 46 के साधारण बहुमत के निशान से 3 सीटें अधिक हैं।
अगर ऐसा हुआ तो बदल जाएगा समीकरण
पूर्व मुख्यमंत्री ने एलजी से नई सरकार के साथ परामर्श के बाद ही विधायकों को नामित करने के लिए कहा और संकेत दिया कि सरकार गठन के बाद कई स्वतंत्र उम्मीदवार एनसी-कांग्रेस गठबंधन में शामिल हो सकते हैं। बता दें कि 90 निर्वाचित सदस्यों के अलावा विधानसभा में पांच सदस्यों को नामित करने की उपराज्यपाल की शक्तियों से विधानसभा की ताकत 95 हो जाएगी और प्रभावी बहुमत का निशान 48 हो जाएगा।












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