लश्कर ने अनंतनाग हमले को बताया कमांडर कासिम की मौत का बदला, 3 अधिकारी हुए थे शहीद
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में बुधवार को आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें भारतीय सेना और पुलिस के तीन अधिकारी शहीद हो गए। इस घटना की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) ने ली है। साथ ही इसे अपने कमांडर का बदला बताया।
सूत्रों के मुताबिक हमले में एलईटी की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट का हाथ है। हमले की जिम्मेदारी लेते हुए उसने कहा कि इस महीने की शुरुआत में पीओके में उसके कमांडर रियाज अहमद की हत्या हुई थी, ये उसी का बदला है।

रियाज का कोडनेम कासिम था। 8 सितंबर को पीओके के रावलकोट के अल-कुदुस मस्जिद के अंदर उसको गोली मार दी गई। जिससे लश्कर में हड़कंप मच गया। इसी का बदला लेने के लिए कोकरनाग में जवाबी हमला हुआ। कासिम का बाप भी आतंकवादी था, जिसे 2005 में ढेर कर दिया गया।
कैसे हुई घटना?
अनंतनाग जिले के कोकरनाग में कुछ आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली थी। जिस पर 19 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोनैक अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे। उनके साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं भट भी मौजूद थे।
वो सभी उस संदिग्ध जगह पर गए, जहां पर आतंकी छिपे हुए थे। तभी उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। तीनों अधिकारी टीम का नेतृत्व करते हुए आगे ही थे, ऐसे में उनको गोली लगी।
सेना के मुताबिक कर्नल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मेजर आशीष और डीएसपी भट ने इलाज के दौरान दम तोड़ा। घटना के बाद से इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा। वहां पर कुछ विदेशी आतंकियों के भी छिपे होने की आशंका है।
10 लाख का इनामी आतंकी भी शामिल
जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक दो आतंकी मुठभेड़ स्थल के पास घेरे गए हैं। उसमें से एक की पहचान उजैर खान के रूप में हुई है। उस पर 10 लाख का इनाम है। इलाके में रुक-रुक का फायरिंग हो रही है।












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