Pahalgam Attack: J-K विधानसभा में पहलगाम हमले के खिलाफ निंदा प्रस्ताव, मृतकों के लिए दो मिनट का मौन
Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने सोमवार को पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। डिप्टी मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने विधानसभा के विशेष सत्र में प्रस्ताव पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।

प्रस्ताव में इस हमले को 'कश्मीरियत', भारतीय संविधान और प्रदेश की एकता, शांति और भाईचारे पर सीधा हमला बताया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि यह हमला जम्मू-कश्मीर और पूरे देश के उस साझा स्वभाव पर चोट है, जो वर्षों से शांति, सहिष्णुता और मेल-जोल का प्रतीक रहा है। विधानसभा ने पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया।
दो मिनट का मौन और शहीद सैयद आदिल हुसैन शाह को दी श्रद्धांजलि
सदन में हमले में जान गंवाने वाले 26 निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। प्रस्ताव में इस घटना को 'बर्बर और अमानवीय' बताया गया और कहा गया कि इस तरह के कायराना हमले जम्मू-कश्मीर के लोगों की एकजुटता और भारत की अखंडता को कमजोर नहीं कर सकते। प्रस्ताव में शहीद सैयद आदिल हुसैन शाह की वीरता को भी सलाम किया गया, जिन्होंने पर्यटकों को बचाते हुए अपनी जान न्योछावर कर दी। विधानसभा ने कहा कि सैयद आदिल हुसैन शाह का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। सदन ने उनके साहस और निस्वार्थ भावना की सराहना करते हुए उन्हें जम्मू-कश्मीर की असली आत्मा का प्रतीक बताया।
लोगों की एकता और केंद्र सरकार के कदमों का समर्थन
प्रस्ताव में जम्मू-कश्मीर के आम नागरिकों द्वारा हमले के बाद दिखाई गई एकजुटता और धैर्य की भी सराहना की गई। सदन ने कहा कि राज्य के लोगों ने दुख की इस घड़ी में जिस तरह से एक दूसरे का साथ दिया है, वह काबिल-ए-तारीफ है। साथ ही, सदन ने 23 अप्रैल 2025 को केंद्र सरकार द्वारा सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक के बाद घोषित किए गए कूटनीतिक कदमों का भी समर्थन किया। प्रस्ताव में कहा गया कि भारत ने इस हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है, जो आतंकवाद को समर्थन देने वालों के लिए स्पष्ट संदेश है।
"पाकिस्तान से बातचीत जरूरी, लेकिन जवाबी कार्रवाई भी हो"
निर्दलीय विधायक शेख अब्दुल रशीद ने पाकिस्तान से बातचीत की वकालत करते हुए कहा, "हमले की निंदा करने के साथ-साथ शहीद आदिल के नाम पर बहादुरी पुरस्कार दिया जाना चाहिए। सामूहिक सजा कोई समाधान नहीं है।" वहीं, आप नेता मेहराज मलिक ने सख्त जवाबी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, "पाकिस्तान को सीधा जवाब देना होगा, नहीं तो ऐसे हमले बार-बार होंगे। पानी का युद्ध नहीं, बल्कि सैन्य ताकत का प्रदर्शन जरूरी है।"
पुलवामा के बाद सबसे बड़ा हमला, भारत ने दिखाई सख्ती
पहलगाम में हुआ यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद से घाटी में सबसे बड़ा आतंकी हमला है। पुलवामा हमले में 40 से ज्यादा सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे, और अब इस ताजा हमले ने एक बार फिर घाटी को हिला दिया है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के खिलाफ कदम उठाने शुरू कर दिए हैं और कूटनीतिक तौर पर उसे अलग-थलग करने की रणनीति अपनाई जा रही है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने एकजुट होकर संदेश दिया कि आतंकवाद को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और देश की एकता व अखंडता के लिए सभी मिलकर काम करेंगे।












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