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JK News: चुनावी नतीजों के 24 घंटे के अंदर खून से लाल हुई घाटी! अनंतनाग से किडनैप जवान का शव बरामद

Kashmir Anantnag Army Jawan Found: जम्मू-कश्मीर की 90 सदस्यी विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के 24 घंटों के अंदर घाटी (कश्मीर) से दर्दनाक खबर मिली है। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकवादियों द्वारा अगवा किए गए प्रादेशिक सेना (टीए) के जवान हिलाल अहमद भट (Jawan Hilal Ahmad Bhat) का शव बुधवार (9 अक्टूबर) को बरामद हुआ।

जवान का शव अनंतनाग के उतरासू इलाके के सांगलान वन क्षेत्र में पाया गया, और यह गोलियों से छलनी था। जवान मंगलवार यानी 8 अक्टूबर से लापता था, जिसके बाद भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया था।

Kashmir Anantnag Army Jawan Found

सुरक्षा बलों ने जवान की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया था। इलाके में गहन तलाशी अभियान चलाने के बाद, जब जवान का शव मिला, तो उसे चिकित्सीय औपचारिकताओं के लिए अस्पताल भेजा गया। जवान के परिवार और सुरक्षा बलों के बीच इस घटना ने काफी गम और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है।

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    श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने जानकारी दी, 8 अक्टूबर 2024 को भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर कोकेरनाग के कज़वान जंगल में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया। अभियान पूरी रात जारी रहा, क्योंकि प्रादेशिक सेना का जवान लापता था।

    पिछले घटनाओं की पुनरावृत्ति
    यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कश्मीर में जवानों के अपहरण और हत्या की घटनाएं हो चुकी हैं। अगस्त 2023 में कुलगाम जिले से एक और सैन्यकर्मी छुट्टी पर आया था, जो लापता हो गया था। हालांकि, उसे पुलिस ने सुरक्षित ढूंढ निकाला था।

    एक अन्य घटना में, वानी नामक जवान, जो लगभग 20 साल के थे, कुलगाम से लापता हो गए थे। वानी अपने घर के पास से खाने-पीने का सामान खरीदने के लिए निकले थे, क्योंकि अगले दिन उन्हें अपनी ड्यूटी पर लद्दाख लौटना था। कुछ ही देर बाद उनकी कार खून के धब्बों के साथ पाई गई थी, जिससे उनके अपहरण की आशंका जताई गई थी।

    आतंकवादियों द्वारा अपहरण की कोशिशें

    साल 2019 में भी ऐसी ही एक घटना में, यासीन भट नामक सैनिक को उनके घर से बडगाम के काजीपोरा में अपहरण करने की कोशिश की गई थी। हालांकि, भट आतंकवादियों से बचकर भागने में सफल रहे थे।

    पिछले आठ सालों में कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में पांच से अधिक जवानों का अपहरण और हत्या की जा चुकी है। इनमें से अधिकांश घटनाएं दक्षिण कश्मीर के शोपियां और कुलगाम इलाकों में हुई हैं। 2022 में भी एक मामला बडगाम से सामने आया था, जहां आतंकियों ने सैनिकों को निशाना बनाया था।

    कश्मीर में सैनिकों की सुरक्षा का सवाल
    इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि कश्मीर में तैनात जवानों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। आतंकवादी संगठनों द्वारा लगातार सेना और पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया जा रहा है, जो क्षेत्र में सुरक्षा और शांति की स्थिति को और भी चुनौतीपूर्ण बना देता है।

    जवान हिलाल अहमद भट की हत्या जैसी घटनाएं न सिर्फ सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ा नुकसान हैं, बल्कि इससे आम जनता में भी डर और असुरक्षा की भावना बढ़ती है। इन घटनाओं का त्वरित समाधान निकालना और इलाके में शांति बहाल करना सुरक्षा बलों की प्राथमिकता होनी चाहिए।

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