जम्मू में एक हफ्ते के अंदर दूसरे मंदिर में तोड़फोड़-आगजनी, गिरफ्तार आरोपी ने किया चौंकाने वाला खुलासा
Jammu Temple News: जम्मू में एक हफ्ते के अंदर दूसरे मंदिर में तोड़फोड़ की घटना सामने आई, जिसके बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। शनिवार 6 जुलाई को कुछ अज्ञात लोगों ने जम्मू के बाहरी इलाके में स्थिति एक मंदिर में तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
घटना जम्मू के नगरोटा के नारायण खू इलाके की है, जहां धार्मिक स्थल में अज्ञात लोगों ने तोड़फोड़ की। वहीं घटना के कुछ घंटों के भीतर ही पुलिस ने अपराधी को गिरफ्तार करते हुए मंदिर को नुकसान पहुंचाने को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया।

पुलिस के मुताबिक मंदिर में तोड़फोड़ और आगजनी के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार अपराधी ने दावा किया कि उसने मंदिर में "समुदाय के कुछ सदस्यों द्वारा किए जा रहे काले जादू से परेशान होकर" शनिवार रात को यह कृत्य किया।
जम्मू (ग्रामीण) के एसपी बृजेश शर्मा ने मीडिया को बताया कि स्थानीय निवासी अर्जुन शर्मा ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपनी संलिप्तता स्वीकार की और घटना के कुछ ही घंटों के भीतर इस मामले को सुलझा लिया।
एसपी ने कहा कि अपराधी की समय पर गिरफ्तारी से इस मुद्दे पर संभावित विवाद टल गया। बता दे कि जम्मू क्षेत्र में पिछले सप्ताह पूजा स्थल पर तोड़फोड़ की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 30 जून को रियासी जिले के एक गांव में पूजा स्थल पर तोड़फोड़ की घटना हुई थी, जिसमें पुलिस ने पूछताछ के लिए 43 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया था।
एसपी शर्मा ने कहा कि शनिवार देर रात नारायण खो इलाके में मंदिर में अज्ञात लोगों द्वारा कुछ मूर्तियों को अपवित्र करने और मटकों में आग लगाने की शिकायत मिलने के बाद नगरोटा पुलिस स्टेशन में कानून की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
अधिकारी ने बताया कि फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) और अपराध शाखा की टीम के साथ खोजी कुत्तों के साथ एक पुलिस दल घटनास्थल पर पहुंचा और जांच और इलाके के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चार संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया। एसपी ने बताया कि अरूण शर्मा ने घटना में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है।
एसपी ने कहा, "अपराधी की समय पर गिरफ्तारी से स्थिति में कुछ हद तक तनाव टल गया। हम लोगों की सकारात्मक भूमिका और पुलिस को जांच करने देने के लिए शांति बनाए रखने के लिए उनके आभारी हैं।" साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी ने अकेले ही इस घटना को अंजाम दिया।
एसपी ने बताया कि आरोपी ने दावा किया कि वह वहां कुछ लोगों द्वारा किए जा रहे "काले जादू" से परेशान था। उसने बताया कि गांव के 'नंबरदार' और कुछ अन्य लोगों से उसकी व्यक्तिगत दुश्मनी भी थी।
इधर, भाजपा नेता और नगरोटा के पूर्व विधायक देवेंद्र सिंह राणा ने घटना को गंभीरता से लेने और अपराधी को सजा दिलाने के लिए तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए पुलिस और नागरिक प्रशासन की तारीफ भी की।












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