REET के 25 अभ्यर्थियों को डिवाइस वाली चप्पल देने वाले मास्टर माइंड को पुलिस ने दूधवाला बनकर पकड़ा
मास्टर माइंड को पुलिस ने दूधवाला बनकर पकड़ा
जयपुर, 5 नवंबर। राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी रीट 2021 में नकल गिरोह का सरगना तुलसाराम कालेर पुलिस पकड़ में है। 26 सितम्बर को रीट परीक्षा के दौरान बीकानेर में चप्पल वाली डिवाइस के साथ एक अभ्यर्थी के पकड़े जाने के बाद से ही मास्टर माइंड कालेर पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। बार-बार लोकेशन बदलकर पुलिस के हाथ नहीं लग रहा था।

तुलसाराम पर आरोप है कि उसने छह-छह लाख रुपए रीट के 25 अभ्यर्थियों डिवाइस वाली चप्पल उपलब्ध करवाई है। यह बहुत शातिर है। साल 1991 में राजस्थान पुलिस एसआई रहा। इसलिए इसे आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की जांच का तरीका मामूल था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी तुलसाराम कालेर का नाम रीट नकल गिरोह में आने के बाद से वह अंडरग्राउंड हो गया था। कालेर की तलाश में जुटी पुलिस को भनक लगी वह जयपुर में अजमेर रोड स्थित एक बिल्डिंग में है।
समस्या यह थी कि कालेर बाहर के किसी व्यक्ति नहीं मिल रहा था। ऐसे में पुलिसकर्मी कभी दूधवाला तो कभी मेंटेनेंस वाला बनकर बिल्डिंग में गए और कालेर की पहचान पुख्ता होने के बाद सोसायटी को घेरकर उसे पकड़ लिया। बीकानेर पुलिस के अनुसार आरोपी ने बीकानेर के अलावा वह श्रीगंगानगर, चूरू, सीकर और अजमेर में फरारी काटी। वह अंत में जयपुर पहुंच गया था। पुलिस ने तुलसाराम के मोबाइल पर नजर रखी हुई थी, लेकिन तुलसाराम ने एक बार भी इस नंबर का उपयोग नहीं किया।
तुलसाराम बीकानेर में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट चलाता था। इस दौरान वो ऐसे कैंडिडेट की तलाश में रहता था, जो रुपए देकर अपना सलेक्शन करवाना चाहते थे। तुलसाराम उसी से संपर्क करता था। उसकी गैंग का सदस्य राजू कैंडिडेट से बात करता था। एक कैंडिडेट से छह से सात लाख रुपए लेता था। इसके बाद उसे नकल के लिए बकायदा ट्रेनिंग दी जाती थी।












Click it and Unblock the Notifications