शादी से 10 दिन पहले लेडी SHO सीमा जाखड़ का भंडाफोड़, जानिए किससे किया 10 लाख का सौदा?
सिरोही, 17 नवंबर। राजस्थान पुलिस की एक महिला इंस्पेक्टर का तस्करों से सांठगांठ का खुलासा हुआ है। इस पर तस्करों से दस लाख रुपए में डील करने का आरोप है। पूरे पुलिस महकमे को चौंका देने वाला यह मामला महिला इंस्पेक्टर की शादी से दस दिन पहले सामने आया है।

सीमा जाखड़ सिरोही जिले के बरलूट पुलिस थाने में SHO
बता दें कि आरोपी महिला इंस्पेक्टर सीमा जाखड़ सिरोही जिले के बरलूट पुलिस थाने में SHO पद पर तैनात थी। प्रकरण में सिरोही एसपी धर्मेंद्र सिंह ने सीमा जाखड़ का सस्पेंड कर दिया है। सीमा जाखड़ की 28 नवंबर को शादी होनी है। इससे पहले ही तस्करों से कनेक्शन सामने आना जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

डोडा-चूरे के थे तस्कर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिरोही एसपी धर्मेंद्र सिंह कई दिन से बरलूट पुलिस थाने की एसएचओ सीमा जाखड़ की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। रविवार शाम को इत्तला मिली कि डोडा-चूरे के तस्कर बरलूट थाना इलाके से गुजर रहे है।

पुलिस की लापरवाही सामने आई
इस पर एसपी के निर्देश पर नाकाबंदी की गई तो पता चला कि बरलूट पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। सिरोही से जालोर की ओर जाने वाले रास्ते पर जावाल नदी पर की गई नाकाबंदी को देखकर तस्करों ने नदी से गाड़ी को फिर से सिरोही की ओर घुमा लिया, लेकिन नदी के दोनों छोर पर तैयार पुलिस टीम ने कीलों की चेन बिछा दी। इससे तस्करों की गाड़ी का टायर फट गया। करीब आधे किलोमीटर तक गाड़ी भगाने के बाद तस्कर फरार हो गए।

10 लाख रुपए में डील कर ली
सिरोही एसपी ने तस्करों के फरार होने के मामले की जांच करवाई तो एसएचओ सीमा जाखड़ ने कार्रवाई करने की बजाय बाड़मेर में बैठे तस्करों के सरगना से संपर्क कर 10 लाख रुपए में डील कर ली। इतना ही नहीं थाने की जीप छोड़कर अपनी पर्सनल बलेनो कार से सरगना को भगाने में मदद की।

ये तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड
सिरोही पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि तस्करों की फरारी के मामले में पुलिस की शुरुआती जांच में लापरवाही सामने आई है। बरलूट एसएचओ सीमा जाखड़ सहित तीन कांस्टेबलों रमेश कुमार, ओमप्रकाश और हनुमान की गतिविधि संदिग्ध लगने पर तीनों को संस्पेंड किया गया है।

एसएचओ की भूमिका संदिग्ध
आरोप है कि एसएचओ सीमा जाखड़ की तीन कांस्टेबलों के साथ मिलकर तस्कर को 10 लाख रुपए के बदले छोड़ने की भूमिका सामने आई है। फरार तस्करों के बाड़मेर में बैठे सरगना ने एसएचओ सीमा जाखड़ से वॉट्सऐप कॉल पर बात भी की।
आरोप यह है कि दस लाख के बदले फरार तस्करों को सुरक्षित निकालने का ऑफर दिया। इसके बाद एसएचओ और तीनों कांस्टेबलों की टीम बाड़मेर में बैठे सरगना और फरार तस्कर से बात करती रही।












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