Sikar Accident : मृतकों की संख्या हुई 12, दो भाइयों के परिवार के 8 सदस्यों एक ही चिता पर अंतिम संस्कार
सीकर एक्सीडेंट 2023 में नौ और घायलों ने दम तोड़ दिया। मरने वालों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इनमें से आठ का सामोद में एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।

राजस्थान के सीकर जिले में पलसाना-खंडेला रोड पर नए साल के पहले दिन हुए भीषण सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या नौ से बढ़कर 12 हो गई। इनमें से आठ लोगों का अंतिम संस्कार सोमवार को एक साथ एक ही चिता पर किया गया। ये दो भाइयों के परिवार के सदस्य थे, जो जयपुर जिले के चौमू इलाके में सामोद के रहने वाले थे।
जीणमाता के दर्शन करने के बाद गणेशधाम जा रहे थे
जानकारी के अनुसार सामोद के वार्ड आठ निवासी दो भाइयों कैलाश व सुआलाल का परिवार नववर्ष 2023 के पहले दिन धोक लगाने के लिए सीकर जिले के खंडेला स्थित गणेशधाम आ रहा था। दोनों परिवारों के आठ सदस्यों व पड़ोसियों के तीन-चार लोगों के साथ पिकअप में सवार होकर ये लोग पहले तो सीकर जिले में जीणमाता धाम गए। धोक लगाने के बाद वहां से गणेश धाम खंडेला के लिए निकले।
बाइक सवार दंपती व पोती की भी मौत
पलसाना-खंडेला रोड पर दूदवालों का बास व माजीसाहब की ढाणी के बीच पिकअप की एक बाइक से टक्कर हो गई। इसके बाद पिकअप व बाइक सामने से आ रहे बोरवेल मशीन के ट्रक में घुस गए। हादसे में कैलाश की पत्नी, दो बेटे व बहू और सुआलाल की दो बहू, दो पोते-पोती की मौत हो गई। हादसे में इनके पड़ोसी अरविंद की भी जान चली गई। वहीं, बाइक सवार दंपती और उनकी पोती ने भी दम तोड़ दिया। मरने वालों में तीन बच्चे हैं।

सीकर हादसे में इनकी हुई मौत
1 रेखा पत्नी कैलाश, सामोद
2 विजय कुमार पिता कैलाश, सामोद
3 अजय कुमार पिता कैलाश, सामोद
4 राधा पत्नी विजय कुमार, सामोद
5 सुआलाल की बहू तनु, सामोद
6 सुआलाल की बहू पूनम, सामोद
7 पूनम की बेटी निक्कु, सामोद
8 अनुराधा खटीक, सामोद
9 आरव पुत्र अनुराधा
10 बाइक सवार बीरबल, दांतारामगढ़
11 जानकी देवी पत्नी बीरबल, दांतारामगढ़
12 बीरबल की पोती मिताली, दांतारामगढ़
Recommended Video

दो भाइयों का पूरा परिवार खत्म, घर पर एक भाई बचा
सीकर एक्सीडेंट 2023 में सामोद के विजय व अजय का पूरा परिवार खत्म हो गया। इनका तीसरा भाई बाबूलाल साथ नहीं आया थ। उसने बताया कि ये लोग सुबह साढ़े बजे पिकअप में सवार होकर मंदिरों में दर्शन के लिए निकले थे। पिकअप अजय चला रहा था। अजय व विजय ई मित्र चलाते थे, जो कोरोना काल में बंद हो गया तो रद्दी बेचने का काम करने लगे थे।












Click it and Unblock the Notifications