Shweta Dhankar IPS : जब जोधपुर अस्पताल में ECG जांच करवाने गईं तो श्वेता धनखड़ ने क्यों काटा बवाल?

जयपुर, 9 जून। इन दिनों राजस्थान में दो आईपीएस खासे चर्चा में हैं। एक आईपीएस श्वेता धनखड़ और दूसरे आईपीएस पंकज कुमार चौधरी। दोनों का ही नाम हाल ही जारी राजस्थान कैडर के 15 आईपीएस फेरबदल की सूची में शामिल है। आईपीएस पंकज चौधरी को दूसरी शादी के चलते दो साल तक बर्खास्त होने के बाद अब स्टेट डिजास्टर रेस्पांस फोर्स में कमांडेंट पद पर पोस्टिंग मिली है। पंकज चौधरी ने बुधवार को ज्वाइन भी कर लिया है।

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    श्वेता धनखड़ ने संभाली यातायात व्यवस्था की कमान

    श्वेता धनखड़ ने संभाली यातायात व्यवस्था की कमान

    अब बात अगर आईपीएस श्वेता धनखड़ की करें तो इन्हें नागौर एसपी पद से हटाकर पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक के पद पर जयपुर लगाया गया है। आईपीएस श्वेता धनखड़ ने बुधवार को जयपुर में यातायात व्यवस्था की कमान संभाल ली है। श्वेता धनखड़ की जगह नागौर एसपी की जिम्मेदारी अब आईपीएस अभिजित सिंह को मिली है।

     कौन हैं श्वेता धनखड़ आईपीएस?

    कौन हैं श्वेता धनखड़ आईपीएस?

    बता दें कि श्वेता धनखड़ राजस्थान पुलिस में काबिल आईपीएस अफसरों में से एक हैं। मूलरूप से हरियाणा की रहने वाली हैं। एक नवंबर 1983 को जन्मीं श्वेता अर्थशास्त्र में एमए कर रखा है। ये वर्ष 2009 बैच की राजस्थान कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं। श्वेता धनखड़ की शादी 2009 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी कुमारपाल गौतम से हुई है। कुमारपाल गौतम मूलरूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।

     नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने एसपी श्वेता धनखड़ पर लगाए थे आरोप

    नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने एसपी श्वेता धनखड़ पर लगाए थे आरोप

    यह शायद एक इत्तेफाक ही है कि आईपीएस श्वेता धनखड़ का नागौर एसपी से पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक जयपुर के पद पर तबादला उस वक्त हुआ है जब श्वेता धनखड़ के खिलाफ नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने मोर्चा खोल रखा था। श्वेता धनखड़ पर हनुमान बेनीवाल ने तीन दिन पहले ही सटोरियों से मिलीभगत के आरोप लगाए थे। इस संबंध में बेनीवाल ने राजस्थान डीजीपी से भी मुलाकात की थी।

     अब जानिए जोधपुर अस्पताल वाला वो किस्सा

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    यह मामला मई 2016 का है। तब आईपीएस श्वेता धनखड़ जोधपुर में सीआईडी एसएसबी एसपी पर कार्यरत थीं। मई माह की शुरुआत में श्वेता धनखड़ जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में ईसीजी जांच के लिए गई थीं। आरोप है कि तब श्वेता धनखड़ ने रौब झाड़ने के लिए अस्पताल के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार करवा दिया।

     वीआईपी सुविधा ना मिलने पर नाराजगी

    वीआईपी सुविधा ना मिलने पर नाराजगी

    तब जोधपुर अस्पताल प्रबंधन ने कहा था कि महिला नर्स ए राजेश्वरी ने आईपीएस श्वेता धनखड़ की ईसीजी की थी, मगर आईपीएस धनखड़ ने सरकारी अस्पताल में वीआईपी सुविधा ना मिलने पर नाराजगी जाहिर की थी। वे इस कदर गुस्सा हो गई थीं कि उन्होंने अस्पताल स्टाफ को खूब खरी-खोटी सुनाई।

     सरदारपुरा पुलिस पहुंची मौके पर

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    मामला यहीं नहीं थमा और एसपी श्वेता धनखड़ ने जोधपुर के सरदारपुरा पुलिस थाने के तत्कालीन एसएचओ भूपेंद्र सिंह फोन लगा दिया। एसपी के फोन के बाद सरदारपुरा पुलिस ने ईसीजी तकनीशियन देवेंद्र और गजेंद्र शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार भी कर लिया। जोधपुर में यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था। हालांकि इस मामले में एसपी श्वेता धनखड़ का आरोप था कि जब उनकी ईजीसी जांच हो रही थी तब दोनों पुरुष नर्सिंग कर्मचारी रूम में झांकते हुए गुजरे थे।

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