OPNION: आमजन के लिए वरदान साबित हो रहा गहलोत सरकार का महंगाई राहत शिविर, जानिए सियासी मायने
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा प्रदेश महंगाई राहत कैंप के जरिए क्रांति लाने की सराहनीय कोशिश की जा रही है। मौजूदा दौर में महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त आमजन के लिए यह कैंप वरदान साबित हुए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस कैंप के जरिए प्रदेश के 25 से ज्यादा जिलों के दौरे कर आमजन से सीधा संवाद स्थापित किया है। वहीं आमजन को महंगाई राहत शिविर में गहलोत सरकार की 10 से ज्यादा जन कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है। प्रदेश में सरकार की योजनाओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने के बजाय गहलोत सरकार ने आमजन के लिए महंगाई राहत कैंप के जरिए ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया है। जहां सीधे तौर पर आम आदमी सरकार की योजनाओं का लाभ ले सकता है। इस शिविर के आयोजन से समूचे प्रदेश में सीएम गहलोत और उनकी सरकार की वाहवाही ही नहीं हो रही बल्कि सीएम गहलोत खुद सीधे जनता से जुड़ रहे हैं।
क्या है गहलोत सरकार का महंगाई राहत शिविर
महंगाई के इस दौर में आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है। देश में महंगाई चरम पर है। ऐसे में राजस्थान में गहलोत सरकार द्वारा आमजन को महंगाई से राहत देने के लिए महंगाई राज शिविर शुरू किए गए हैं। इसके तहत 24 अप्रैल को प्रदेश के गांवों में ग्राम पंचायत स्तर पर और शहर में वार्ड स्तर पर शिविर लगाए जा रहे हैं। शिविर में राज्य सरकार की 10 कल्याणकारी योजनाओं के फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। महंगाई राहत कैंप में सरकार की लाभकारी 10 योजनाओं को शामिल किया गया है। इनमें 500 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर और फ्री बिजली योजना जैसी कई लाभकारी योजनाएं शामिल की गई है। गहलोत सरकार ने इस शिविर में अपनी प्रमुख 10 योजनाओं को शामिल किया है। जिनमें गैस सिलेंडर योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना, मनरेगा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कामधेनु बीमा योजना, मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना, मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना शामिल है। महंगाई राहत कैंप में जनाधार के जरिए इन योजनाओं के लिए आवेदन किया जा रहा है। सक्षम व्यक्ति को शिविर में तुरंत प्रभाव से सरकार की योजना के लिए पंजीकृत कर लाभ दिया जा रहा है।

महंगाई राहत कैंप में 7.35 करोड़ लोगों को मिल चुके गारंटी कार्ड
राजस्थान में महंगाई के इस दौर में गहलोत सरकार आमजन को महंगाई से राहत देने का काम कर रही है। महंगाई राहत कैंप में लाभान्वित परिवारों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में अब तक इन कैंपों के जरिए 1.70 करोड़ से ज्यादा परिवारों को लाभान्वित किया जा चुका है। जबकि 7.35 से अधिक गारंटी कार्ड वितरित हो चुके हैं। सरकार से प्राप्त शिविर से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक महंगाई राहत कैंप में अब तक इंदिरा गांधी गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना में 54.05 लाख, मुख्यमंत्री निशुल्क घरेलू बिजली योजना में 90.82 लाख, मुख्यमंत्री निशुल्क कृषि बिजली योजना में 11.02 लाख, मुख्यमंत्री निशुल्क अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना में 1.01 करोड़, मुख्यमंत्री ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में 65.39 लाख एवं इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना में 4.31 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इसी प्रकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में 50.28 लाख, मुख्यमंत्री कामधेनु बीमा योजना में 1.02 करोड़, मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में 1.27 करोड़ एवं मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना में 1.27 करोड़ से अधिक पंजीकरण हुए हैं।
महंगाई राहत शिविर से गहलोत सरकार को मिल रहा सियासी फायदा
राजस्थान में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार में वापसी की उम्मीद के साथ दिन रात एक कर रहे हैं। सीएम गहलोत का दावा है कि वे अपने काम के दम पर सरकार में वापसी करेंगे। इन्हीं कैंपों में दावा करते नजर आते हैं कि वे सरकार रिपीट करने जा रहे हैं। महंगाई राहत कैंप में आमजन को मिल रही राहत से कांग्रेस और अशोक गहलोत को विधानसभा चुनाव में सीधे तौर पर फायदा मिलेगा। प्रदेश में भाजपा की निष्क्रियता और सीएम पद को लेकर चल रही गुटबाजी के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का यह पंच भाजपा पर भारी पड़ने वाला है। जिस तरह में महंगाई राहत कैंपों के अवलोकन के जरिए प्रदेश में दौड़-धूप कर सीधे तौर पर आमजन से जुड़ रहे हैं। इन शिविरों से गहलोत सरकार के पक्ष में तेजी से माहौल बन रहा है। उससे निश्चित तौर पर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और अशोक गहलोत को फायदा मिलेगा।












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