OPINION: राजस्थान में पैनोरमा के जरिए नई पीढ़ी को इतिहास से अवगत कराएंगे अशोक गहलोत, जानिए पूरा मामला

राजस्थान में अशोक गहलोत तीसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं। सीएम गहलोत अपनी योजनाओं और घोषणाओं के जरिए प्रदेश में सरकार रीपीट करने का इतिहास रचने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान के इतिहास को सहेजने के जतन भी कर रहे हैं। राजस्थान का इतिहास हमेशा से गौरवशाली रहा है। देश में राजस्थान को उसके गौरव और परंपराओं के लिए ही जाना जाता रहा है। प्रदेश में गहलोत सरकार ने इतिहास और परंपराओं को सहेजने के लिए ऐतिहासिक धरोहरों को विकसित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान के महापुरुषों के त्याग और बलिदान से अवगत कराने के लिए पैनोरमा का निर्माण कराने का निर्णय लिया है।

इन जगहों पर होगा पैनोरमा का निर्माण

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार महापुरुषों के त्याग और बलिदान को नई पीढ़ी से परिचित कराने के लिए प्रदेशभर में पैनोरमा का निर्माण करा रही है। इसके तहत जैसलमेर के पोकरण में इंदिरा महाशक्ति भारत पेनोरमा, भरतपुर के डीग में महाराजा सूरजमल पैनोरमा, करौली में कैलादेवी पैनोरमा, भीलवाड़ा के आसींद में बगड़ावत सवाईभोज पैनोरमा, जालोर में वीरमदेव कान्हड़देव चौहान और अजमेर में पृथ्वीराज चौहान पैनोरमा का भी निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा सरकार जयपुर में भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के पैनोरमा बनाने जा रही है। पैनोरमा के माध्यम से आमजन को महापुरुषों के अविस्मरणीय बलिदान, त्याग, साहस, स्वाभिमान और सामाजिक सरोकारों की जानकारी मिलेगी।

ashok gehlot

गहलोत सरकार का इतिहास को संजोने का फैसला

प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इससे पहले राजस्थान में लोकदेवता अमरा भगत, महाबलिदानी पन्नाधाय, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केसरी सिंह बारहठ आदि महान विभूतियों के पैनोरमा निर्माण के लिए करोड़ों रुपए की स्वीकृति प्रदान कर चुके हैं। मुख्यमंत्री गहलोत का मानना है कि पैनोरमा के माध्यम से महापुरुषों के व्यक्तित्व और कृतित्व के बारे में जानकारी मिलेगी। इसके साथ युवा पीढ़ी अपने अधिकारों के प्रति अधिक सजग, शिक्षित और जागरूक रहेगी।

शाहपुरा में बनेगा महान क्रांतिकारी बारहठ का पैनोरमा

राजस्थान के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और प्रदेश में क्रांति की अलख जगाने वाले केसरी सिंह बारहठ के पैनोरमा के निर्माण की घोषणा सीएम गहलोत ने पिछले साल की थी। भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा में बनने वाले इस पैनोरमा के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री गहलोत द्वारा 4 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को स्वीकृति भी मिल चुकी है। 21 नवंबर 1872 को जन्मे बारहठ शाहपुरा क्षेत्र के देवखेड़ा के जमींदार थे। उन्होंने युवाओं को आंदोलन में आने के लिए प्रेरित किया था। स्वतंत्रता आंदोलन में उन्हें महात्मा गांधी के सहयोगी के रूप में याद किया जाता है।

नई पीढ़ी को गौरवशाली इतिहास से अवगत कराने की कवायद

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की इन पैनोरमा के निर्माण के पीछे असल मकसद आने वाली पीढ़ी को राजस्थान के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराने का है। सीएम गहलोत चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ियां हमारे इतिहास और उससे जुड़े महापुरुषों के त्याग और बलिदान की गाथाएं सुनें। राजस्थान का इतिहास शूरवीरों से भरा पड़ा है। आज भी देश की सेना में राजस्थान की अहम भागीदारी मानी जाती है। सीएम गहलोत के इस फैसले से आमजन को दो फायदे होंगे। एक तो प्रदेश में पैनोरमा के निर्माण से सौंदर्य और गौरव बढ़ेगा। दूसरा आने वाली पीढ़ियां इन महापुरुषों के बारे में जान पाएंगी।

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