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सरपंच बनने के लिए छोड़ दी ऑस्ट्रेलिया में मोटी कमाई वाली नौकरी

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जयपुर। लोग पढ़ते-लिखते है और सपना देखते है एक अच्छी नौकरी का। जिसमें अच्छी सैलरी मिल रही हो। ऐशो-आराम हो, लेकिन राजस्थान के एक युवक ने गांव बनने के लिए ऑस्ट्रेलिया की मोटी कमाई वाली नौकरी छोड़ दी।

rajasthan

राजस्थान के नागौर जिले का रहने वाला हनुमान चौधरी ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में एक रिसोर्ट में नौकरी कर रहा था। अच्छी कमाई थी, लेकिन अपने गांव के सरपंच बनने के लिए उसने वो नौकरी छोड़ दी और वापस गांव आ गया। हनुमान को उसके पिता भूरा राम का फोनकर स्वदेश बुलाया और कहा कि गांव के लोग चाहते हैं कि हनुमान वापस आए और पंचायत चुनाव में सरपंच का उम्मीदवार बने।

दरअसल इसके पीछे वजह से है कि राजस्थान सरकार ने नियम बनाए है कि ग्राम पंचायत का सदस्य बनने के लिए 8वीं पास होना अनिवार्य है, लेकिन फर्रुदा गांव में ज़्यादातर बूढ़े-बुज़ुर्गों ने सिर्फ पांचवीं तक की पढ़ाई की है। ऐसे में गांववालों ने सोचा की किसी युवा को सरपंच बनने का मौका दिया जाए। ऐसे में हनुमान के पिता ने फोन कर उसे बुला लिया।

वहीं हनुमान का कहना है कि वो ऑस्ट्रेलिया में खुश था, लेकिन जब गांव वालों ने मौका दिया, तो मैं वापस आ गया। हनुमान ने अपने चुनाव अभियान में सिर्फ विकास की बात की और चुनाव में उन्होंने 6,000 से अधिक वोटों से जीत हासिल की। जहां गांववाले हनुमान के सरपंच बनने से उत्साहित है तो वहीं हनुमान के सामने कई चुनौतियां है।

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English summary
A man who was working as a manager at a resort on the Gold Coast in Australia, came back to his village in Rajasthan's Nagaur to contest the panchayat election and become a sarpanch.
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