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BSP से कांग्रेस में आए MLA ने पायलट खेमे की काट के लिए राजस्थान की सियासत में बोया यह नया बीज

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जयपुर, 15 जून। राजस्थान की सियासत का रंग दिनोंदिन बदलता जा रहा है। सचिन पायलट कैंप की तरफ से राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर आलाकमान पर दबाव बनाए जाने के बाद अब बसपा से कांग्रेस में आए विधायक भी खुलकर सामने आ गए हैं। हालांकि इन विधायकों ने पायलट कैंप की मंशा पर सवाल उठाते हुए सीएम गहलोत में अपनी आस्था जताई है।

आलाकमान पर दबाव बनाने की इस रणनीति की काट

आलाकमान पर दबाव बनाने की इस रणनीति की काट

दरअसल, गत दिनों पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके कैंप की तरफ से मंत्रिमंडल विस्तार की देरी पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। पायलट कैंप की कांग्रेस आलाकमान पर दबाव बनाने की इस रणनीति की काट के लिए अब बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए राजेंद्र गुढ़ा समेत छह विधायक खुलकर सामने आ गए हैं।

अपनी बात कांग्रेस आलाकमान तक पहुंचाएंगे

अपनी बात कांग्रेस आलाकमान तक पहुंचाएंगे

6 में से 4 विधायकों ने मंगलवार को जयपुर में बैठक कर तय किया कि वो भी अपनी बात कांग्रेस आलाकमान तक पहुंचाएंगे। बैठक के बाद विधायक संदीप यादव ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि जिन लोगों ने पार्टी के साथ गद्दारी की। आज वो आलाकमान पर दवाब बना रहे है, जो उचित नहीं है।

गहलोत सरकार बसपा वाले छह विधायकों और निर्दलीय के कारण बची

विधायक संदीप यादव ने कहा कि पिछले राजस्थान सियासी संकट के बाद अशोक गहलोत सरकार बसपा वाले छह विधायकों और निर्दलीय के कारण बची थी। विरोधी खेमे ने तो सरकार गिराने की कोशिश में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।

मान सम्मान होना चाहिए

मान सम्मान होना चाहिए

बैठक में मौजूद विधायक राजेन्द्र गुढ़ा और जोगेन्द्र अवाना ने कहा कि जिन लोगों ने सरकार बचाई। उनका मान सम्मान होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में आज हमारे खिलाफ केस चल रहे है। हमने हमेशा सीएम गहलोत में आस्था जताई है।

राजस्थान सियासी संकट पार्ट-2 : राजेंद्र गुढ़ा बोले-'हमने गहलोत सरकार को पहली पुण्यतिथि मनाने से बचाया'<br/>राजस्थान सियासी संकट पार्ट-2 : राजेंद्र गुढ़ा बोले-'हमने गहलोत सरकार को पहली पुण्यतिथि मनाने से बचाया'

आज भी गहलोत हमारे नेता हैं और आगे भी रहेंगे। विधायकों ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान को आज देखने की जरूरत है कि कौन नकली और कौन असली। जिन लोगों ने सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की। उनकी बात नहीं सुनी जानी चाहिए।

जल्द मंत्रिमंडल विस्तार करने का फैसला लेना इतना आसान नहीं

जल्द मंत्रिमंडल विस्तार करने का फैसला लेना इतना आसान नहीं

बहरहाल, सचिन पायलट कैंप और बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों के बीच शुरू हुई इस सियासी जंग से लगता है कि कांग्रेस आलाकमान के लिए भी जल्द मंत्रिमंडल विस्तार करने का फैसला लेना इतना आसान नहीं। जितना की समझा जा रहा था।

English summary
MLAs who came from BSP to Congress supported Rajasthan CM Ashok Gehlot
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